पाकिस्तान ने इतिहास में पहली बार माना बलूचिस्तान मांग रहा आजादी, कार्यवाहक प्रधानमंत्री ने कही बड़ी बात

नईदिल्ली, २8 जनवरी । इस्लामाबाद। पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार किसी भी राजनीतिक नेता ने पहली बार माना है कि बलूचिस्तान के लोग आजादी मांग रहे हैं। पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवारुल हक काकर ने स्वीकार किया कि बलूचिस्तान के लोग न केवल पाकिस्तान से असंतुष्ट हैं, बल्कि एक स्वतंत्र राज्य की मांग कर रहे हैं। बलूचिस्तान पोस्ट के अनुसार, काकर ने एक साक्षात्कार में बलूचिस्तान में जबरन गायब हो रहे लोगों के जटिल मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। पाक पीएम ने इन मामलों को सुलझाने में आने वाली चुनौतियों को पहचाना और लापता व्यक्तियों की वापसी पर ध्यान केंद्रित करने के महत्व पर भी जोर दिया। पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया कि बलूचिस्तान में असंतोष की जड़ एक अलग बलूच पहचान है। हालांकि, ये इस बात को पिछले पाकिस्तानी प्रशासनों ने कभी स्वीकार नहीं किया था। बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाक पीएम का यह बयान पिछली पाकिस्तानी सरकारों के एक अलग दृष्टिकोण को दर्शाता है, जो बलूचिस्तान स्वतंत्रता आंदोलन को अल्पसंख्यकों की चिंता को दिखाता है। इससे पहले सभी नेता आजादी की मांग को कभी स्वीकारते नहीं थे। बलूचिस्तान के पश्तून बेल्ट से आने वाले कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में काकर का कार्यकाल विवादों से भरा रहा है। बलूचिस्तान में स्वतंत्रता-समर्थक और राजनीतिक दलों ने उनकी सरकार की आलोचना की है, उनका कहना है कि बलूच आंदोलन के दमन में वो शामिल रहे हैं।

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