आउटसोर्सिंग से नियुक्तियों में आरक्षण का पालन नहीं

जांजगीर चांपा। प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न पदों पर आउटसोर्सिंग पर प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से कर्मचारियों की सेवाएं ली जा रही है। विधानसभा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस के सदस्य राघवेन्द्र कुमार सिंह के एक अतारांकित सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि आउटसोर्सिंग से नियुक्तियों में आरक्षण संबंधी प्रावधानों का पालन नहीं किया जाता। कांग्रेस के सदस्य ने अतारांकित सवाल के जरिए प्रदेश में आउटसोर्सिंग पद्धति से नियुक्तियों, इसके लिए बनाए गए आरक्षण नियमों की जानकारी मांगी। मुख्यमंत्री ने लिखित जवाब में बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग के अधीनस्थ समग्र शिक्षा, राज्य परियोजना कार्यालय छत्तीसगढ़ में वर्ष 2007-08, व्यावसायिक शिक्षा पाठ्यक्रम शाखा में वर्ष 2015-16 और आईसीटी शाखा में वर्ष 2020-21 से आउटसोर्सिंग में प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से कर्मचारियों की सेवाएं ली जा रही है। वहीं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधीनस्थ छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कापरिशन में वर्ष 2012 से आउटसोर्सिंग पर प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से कर्मचारियों की सेवाएं ली जा रही है। आउटसोर्सिंग पद्धति से नियुक्तियों के लिए नियम भी बनाए गए हैं। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 29 मई 2015 और 30 मई 2017 को दिशा-निर्देश भी जारी किया गया है। आउटसोर्सिंग पद्धति से नियुक्तियों आरक्षण संबंधी प्रावधानों का पालन नहीं होता। क्योंकि प्रदेश में अत्यावश्यक स्वास्थ्य एवं शिक्षा सेवाओं को आउटसोर्सिंग पद्धति से प्रदान करने के लिए अनुबंध के तहत निश्चित सेवा को एक अशासकीय सेवा प्रदाता द्वारा निश्चित अवधि के लिए एक निश्चित प्रतिफल प्रदाय करना है।

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