
लखनऊ, 0८ फरवरी । विधान परिषद में मंगलवार को नेता सदन उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भाजपा सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए श्रीरामलला सपा पर तगड़ा हमला बोला। लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर विपक्ष दलों पर उनकी लचर तैयारियों को लेकर कटाक्ष भी किया।उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीरामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में गिने-चुनों को निमंत्रण मिला था। भगवान उन्हें सद्बुद्धि दे, जो नहीं गए। 22 जनवरी, 2024 दोबारा नहीं आएगी।सपा के नेताजी ने पहले कहा था कि निमंत्रण नहीं मिला। फिर कहा, नहीं जाएंगे। 11 फरवरी आ रही है। उम्मीद है कि उस दिन सब मिलकर रामलला के दर्शन प्राप्त करने का सौभाग्य प्राप्त करेंगे। वोटर नाराज न हो जाएं, इसका यह डर नहीं रहना। राज्यपाल के अभिभाषण पर बोलते हुए केशव प्रसाद ने लोकसभा चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत का दावा किया। कहा कि 2024 का यह वर्ष ऐतिहासिक है। इसी वर्ष लोकसभा का चुनाव भी है। हम काम कर रहे हैं। बूथ स्तर तक जाने का काम चल रहा है। तीसरी बार प्रचंड बहुमत से सरकार भी 2024 में ही बनेगी। 100 दिन में सब दिखाई देने लगेगा। चारों ओर वातावरण मोदीमय-भाजपामय है। हमने 2022 का विधानसभा चुनाव जीतने के बाद ही लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी थी।दीर्घकालीन रणनीति चल रही है। कहा कि हमारे वरिष्ठ नेता भविष्य को लेकर व्यापक दृष्टिकोण रखते हैं। तभी 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य तय कर दिया। एक हजार वर्ष तक कोई भारत की ओर नजर उठाकर नहीं देख सकेगा। हमारे नेता पीढिय़ों के लिए विजन लेकर आगे बढ़े हैं।उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षा योजना, अटल पेंशन योजना समेत केंद्र सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं में उत्तर प्रदेश नंबर वन है। भाजपा सदस्य मानवेन्द्र सिंह गुरुजी, उमेश द्विवेदी, विजय शिवहरे, नरेन्द्र कश्यप, वंदना वर्मा, अश्वनी त्यागी, मंत्री धर्मवीर प्रजापति व अन्य ने भी राज्यपाल के अभिभाषण धन्यवाद प्रकट किया। सपा सदस्य लाल बिहारी ने राज्यपाल के अभिभाषण पर संशोधन प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिसे ध्वनिमत से अस्वीकर कर दिया गया।सपा सदस्य स्वामी प्रसाद मौर्य को उच्च सदन में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर टिप्पणी पर भाजपा सदस्यों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। मौर्य ने राज्यपाल के अभिभाषण पर बोलते हुए भाजपा सरकार पर विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में प्रोफेसर की नियुक्तियों में दलित व पिछड़ों का हक मारने का आरोप लगाया।उन्होंने कहा कि अयोध्या में जिन रामलला की पहले से पूजा हो रही थी, उनकी प्राण प्रतिष्ठा कैसी। प्राण प्रतिष्ठा समारोह में सरकार द्वारा फिजूलखर्ची की बात कही। इस पर भाजपा सदस्यों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। सपा सदस्य शहनवाज खान ने राज्यपाल के अभिभाषण पर अपनी बात भगवान श्रीराम से शुरू कर उनके नाम पर ही खत्म की। कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला था। राममंदिर बन गया। मैं वहां गया था। मंदिर निर्माण का काम आगे बहुत बाकी है। उम्मीद करता हूं कि कार्य आगे तेजी से पूरा होगा।उन्होंने कहा कि रामराज वह है, जो गलत है उसे गलत तथा जो सही है उसे सही कहा जाए। ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में 40 लाख करोड़ के जो एमओयू साइन हुए हैं, वे केवल निवेश प्रस्ताव हैं। सरकार के दबाव में हर जिले में अधिकारियों का दबाव था, उसके तहत निवेश के आंकड़े भरे गए। जबकि जमीनी हकीकत में अंतर है। स्मार्ट सिटी योजना को भी प्रदेश में धरातल पर नहीं उतारा जा सका।





















