
कोलकाता, 0९ फरवरी । बंगाल में मछुआरों की आजीविका को ध्यान में रखते हुए राज्य के बजट में उनके लिए विशेष योजना समुद्रसाथी की घोषणा की गई है। वित्त राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) चंद्रिमा भट्टाचार्य ने गुरुवार को सदन में बजट पेश करने के दौरान कहा कि अप्रैल से मध्य जून तक मछुआरों को मौसम के मिजाज को देखते हुए समुद्र में जाने की अनुमति नहीं दी जाती है, जिसका असर उनकी आजीविका पर पड़ता है।इस वजह से उन्हें रोजी-रोटी जुटाने में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। राज्य सरकार की इस योजना के तहत प्रत्येक मछुआरों को हर साल दो महीने के लिए पांच-पांच हजार रुपये दिए जाएंगे। इससे राज्य के तटवर्ती जिलों के लगभग दो लाख मछुआरे लाभांवित होंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि इसके लिए बजट में 200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।उन्होंने कहा कि तटीय जिलों विशेष रूप से पूर्व मेदिनीपुर, उत्तर और दक्षिण 24 परगना के मछुआरे इससे लाभांवित होंगे। इन जिलों के मछुआरों को हर साल अप्रैल से जून तक अपनी आजीविका में विभिन्न बाधाओं का सामना करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए समुद्रसाथी योजना बनाई गई है।इस योजना के तहत इन तीन जिलों के प्रत्येक पंजीकृत मछुआरों को दो महीने के लिए पांच-पांच हजार रुपये मिलेंगे।




























