नागपुर हाल्ट-चिरमिरी रेल लाइन के लिए 120 करोड़

चिरमिरी। लगभग पांच वर्षों से अटकी नागपुर हाल्ट-चिरमिरी नवीन रेल लाइन के लिए राज्य सरकार ने 120 करोड़ की राशि का प्रविधान बजट में कर दिया है। केंद्र सरकार द्वारा अपने हिस्से की राशि पहले ही जारी कर दी गई थी। कांग्रेस शासनकाल में इस रेल लाइन के लिए राज्यांश नहीं दिए जाने के कारण कार्य आरंभ नहीं हो पा रहा था। इस रेललाइन के निर्माण से चिरमिरी तक आने वाले ट्रेनों को अंबिकापुर तक बढ़ाया जा सकता है। अंबिकापुर में सुपर स्पेशिलिटी हास्पिटल की स्थापना कर अंबिकापुर मेडिकल कालेज के साथ संयोजित करते हुए अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान की भांति चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है। विधानसभा चुनाव में सरगुजा संभाग को मिली ऐतिहासिक जीत का असर छत्तीसगढ़ सरकार के बजट में देखने को मिला। वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत बजट में सरगुजा संभाग को शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना विकास के लिए बड़ी राशि स्वीकृत की गई है। इसमें चिरमिरी से नागपुर हाल्ट तक 17 किलोमीटर नई रेल लाइन के लिए राशि का प्रविधान किया गया है।इसके लिए 120 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।अंबिकापुर-अनूपपुर रेल खंड में नागपुर हाल्ट से चिरमिरी तक 17 किमी नई रेलवे लाइन निर्माण के लिए पिछली सरकार ने 50 फीसदी राशि को मंजूरी नहीं दी थी, जबकि इसी मांग को लेकर बीते एक साल से सरकार को जगाने और क्षेत्र की जनता की आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए आंदोलन चल रहा था। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार को 50-50 फीसदी राशि जारी करना था, इसमें से केंद्र ने अपने हिस्से की राशि जारी की थी, लेकिन पूर्ववर्ती राज्य सरकार ने अपने हिस्से की 120 करोड़ रुपये की वित्तीय मंजूरी नहीं दी थी। इसके चलते प्रोजेक्ट का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा था। भाजपा शासन के दौरान नागपुर हाल्ट स्टेशन से चिरमिरी तक नई रेल लाइन बिछाने से चिरमिरी तक आने वाली ट्रेनों को आसानी से अंबिकापुर तक बढ़ाया जा सकता है। इस प्रोजेक्ट के लिए 241 करोड़ की रेल परियोजना को रेलवे बोर्ड ने तीन अक्टूबर 2018 को मंजूरी दे दी थी। इसके लिए भूमि अधिग्रहण के बाद निर्माण निविदा प्रक्रिया पूरी कर निर्माण शुरू करना था। चिरमिरी, नागपुर हाल्ट नई रेल लाइन का सर्वेक्षण पूर्ण कर डीपीआर रेल मंत्रालय को 13 अगस्त 2018 को भेजा था। वर्तमान में चिरमिरी से रीवा, बिलासपुर, चंदिया, दुर्ग, व रायपुर के लिए ट्रेनों का संचालन था, ऐसे में चिरमिरी से नागपुर हाल्ट तक लगभग 17 किमी रेलवे लाइन बन जाने से चिरमिरी तक आने वाली ट्रेनों को अंबिकापुर तक बढ़ाया जा सकता है। पूर्ववर्ती सरकार ने अपने हिस्से की 50 फीसदी राशि जारी नहीं करने से काम शुरू नहीं हो पा रहा था। काम पूरा होने पर चिरमिरी-अंबिकापुर-बरवाडीह रेल लाइन लाइन के विस्तार से बड़ी आबादी वाला जनजातीय बहुल इलाका रेल सुविधा से विस्तारित हो सकेगा। रेल लाइन के बनने से व्यापार व उद्योग को भी मिलेगा बढ़ावा मिलेगा। इस बड़ी राशि की सुकृति के अलावा राज्य सरकार ने अपने बजट में अंबिकापुर में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की स्थापना के लिए 50 करोड रुपए की स्वीकृति प्रदान की है इस अस्पताल को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के साथ संयोजित करते हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के समान चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई है। इसके अतिरिक्त सड़क पुल पुलिया तथा विकास व निर्माण के दूसरे कार्यों की भी मंजूरी प्रदान की गई है बजट में उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग की ओर विशेष फोकस किया गया है । अंबिकापुर शहर को ग्रोथ इंजन के रूप में आगे बढ़ाने की बात भी कही गई है। संभाग के सभी जिलों के लिए बजट में विशेष प्राविधान किए गए हैं। सरगुजांचक में उद्यानिकी व मछली पालन को बढ़ावा देकर ग्रामीणों के आर्थिक स्थिति में सुधार की बात भी कही गई है। खगोल विज्ञान की लोकप्रियता को जनमानस तक पहुंचाने के उद्देश्य से सूरजपुर जिले में एस्ट्रो पार्क के लिए दो करोड रुपये का प्रविधान किया गया है। इस एस्ट्रो पार्क का निर्माण प्रतापपुर विकासखंड में प्रस्तावित किया गया है। भूमि चयन की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी गई है दिल्ली की एक विशेष टीम भी यहां पहुंची है। दिल्ली से आए अधिकारी स्थानीय राजस्व अधिकारियों के साथ स्थल चिंतन में लगे हुए हैं। सूरजपुर व बलरामपुर जिले में जिला शिक्षा व प्रशिक्षण संस्थान बीटीआई की स्थापना की जाएगी। इस संस्था की मांग लंबे समय से की जा रही थी इन दोनों जिले के शिक्षित बेरोजगारों का कहना था कि जिले में जिला शिक्षा व प्रशिक्षण संस्थान नहीं होने के कारण वे डीएड की पढ़ाई नहीं कर पाते हैं। इस कारण सहायक शिक्षक की भर्ती में उन्हें मौका नहीं मिलता है। आदिवासी इलाका होने के कारण हर परिवार इतना सक्षम नहीं होता कि बाहर जाकर यहां के युवा डीएड की पढ़ाई कर सके। अब जिला शिक्षा व प्रशिक्षण संस्थान खुल जाने से डीएड की पढ़ाई यहां के युवा भी कर सकेंगे। शिक्षा के क्षेत्र में रोजगार का अवसर मिलेगा।

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