
वाड्रफनगर। जनपद पंचायत वाड्रफनगर की कांग्रेस समर्थित अध्यक्ष गीता सोनपाकर को अविश्वास प्रस्ताव लाकर पद से हटा दिया गया है। हाईकोर्ट से स्थगन आदेश मिलने के कारण उपाध्यक्ष पुष्पा गुप्ता यथावत पद पर बने रहेंगी। अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सोमवार को जनपद कार्यालय में गहमागहमी बनी रही। पीठासीन अधिकारी एसडीएम चेतन साहू की उपस्थिति में अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान की प्रक्रिया पूरी की गई। जनपद पंचायत वाड्रफनगर में 25 जनपद सदस्य हैं। कांग्रेस शासनकाल में हुए चुनाव के दौरान कांग्रेस समर्थित गीता सोनपाकर को अध्यक्ष और पुष्पा गुप्ता को उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया था।छत्तीसगढ़ में सत्ता परिवर्तन के साथ ही जनपद में भी भाजपा के आने की सुगबुगाहट कई दिनों से चल रही थी। पिछले दिनों जनपद सदस्यों ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पर मनमानी का आरोप लगाते हुए इनके विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाया था। आरोप था कि अध्यक्ष व उपाध्यक्ष द्वारा मनमानी की जा रही है। वित्तीय अनियमितता और शासकीय राशि के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया गया था।एसडीएम वाड्रफनगर चेतन साहू को पीठासीन अधिकारी नियुक्त कर सोमवार को इसकी प्रक्रिया पूर्ण कराने की तारीख़ निर्धारित थी। इसे लेकर सुबह से ही गहमागहमी का माहौल था। अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने के बाद ही उपाध्यक्ष ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। उन्हें स्थगन आदेश मिल गया था। अविश्वास पर मतदान से पहले उन्होंने स्थगन आदेश प्रस्तुत कर दिया।इस कारण उपाध्यक्ष पद पर कोई विचार नहीं हुआ। अध्यक्ष के अविश्वास प्रस्ताव के दौरान जनपद सभाकक्ष में वोटिंग कराई गई। अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में 20 सदस्यों ने मतदान किया। इससे अध्यक्ष को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी है। अध्यक्ष के विरुद्ध मनमानी का आरोप लगाते हुए सभी सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव लाया था। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले एक सप्ताह के भीतर जनपद को नया अध्यक्ष मिल जाएगा। भाजपा समर्थित जनपद सदस्य के ही अध्यक्ष निर्वाचित होने की पूरी संभावना है।





















