
कोरबा। जिले के वनमंडल कटघोरा के जंगलों में विचरणरत हाथी काफी दिनों तक शांत रहने के बाद फिर उत्पात मचाने पर उतारू हो गए हैं। हाथियों के दल में शामिल एक लोनर हाथी बीती रात केंदई वन परिक्षेत्र के कोरबी सर्किल में स्थित ग्राम खडफ़ड़ी पारा में जमकर उत्पात मचाते हुए 4 ग्रामीणों के घर को धराशायी कर दिया। लोनर द्वारा एक ही रात में 4 घरों को ढहाए जाने से ग्रामीण दहशत में हैं। वहीं वन अमला उत्पात को रोकने के लिए सतर्क हो गया है। लोनर की निगरानी तेज कर दी गई है और क्षेत्र में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार केंदई वन परिक्षेत्र के कोरबी सर्किल में इन दिनों 8 हाथियों का दल विचरण कर रहा है। इस दल में शामिल लोनर हाथी गुरुवार की रात 2 बजे के लगभग दल से अलग होकर खडफ़ड़ी पारा गांव की बस्ती में आ गया और आते ही जमकर उत्पात मचाना शुरू कर दिया। लोनर ने एक के बाद एक 4 ग्रामीणों के घरों को निशाना बनाते हुए ढहा दिया। इतना ही नहीं वहां रखे चावल व घरेलू सामानों को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। आधी रात को लोनर द्वारा उत्पात मचाए जाने से ग्रामीण काफी दहशत में रहे। जिस समय लोनर हाथी ने बुंदेश्वरी, बिरसो बाई, घासीराम व अमरलाल के घरों को निशाना बनाया, उस समय वहां रह रहे लोग गहरी नींद में सो रहे थे। लोनर की आने की आहट व चिंघाड़ सुनकर अचानक जागे और किसी तरह छिपकर अपनी जान बचाई। ग्रामीणों द्वारा लोनर के आने व उत्पात मचाए जाने की सूचना दिए जाने पर वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुंचे और उत्पाती हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा। हाथी के अन्यत्र जाने पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। आज सुबह वन अमला द्वारा नुकसानी का सर्वे किया गया।
उधर एतमानगर रेंज के कोदवारी क्षेत्र में 42 हाथी अभी भी सक्रिय है। इन हाथियों ने यहां स्थित पहाड़ पर डेरा जमा दिया है। वहीं कोरबा वनमंडल के कुदमुरा रेंज में मौजूद लोनर हाथी बीती रात गीतकुंआरी से आगे बढ़ा और कुदमुरा की सरहद को पार कर धरमजयगढ़ क्षेत्र के जंगल में प्रवेश कर गया है। लोनर के अन्यत्र जाने से क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।





















