
गाजियाबाद, २९ फरवरी । चिकित्सा विभाग सोनीपत के तीन चिकित्सकों की टीम ने बुधवार देर शाम को भ्रूण लिंग जांच को लेकर लोनी के शिवा अल्ट्रासाउंड सेंटर में मिथ्या ग्राहक के साथ छापामार कार्रवाई की। इस मौके पर स्थानीय चिकित्सका विभाग के अधिकारियों को भी बुला लिया गया। एसीएमओ डॉ. चरन सिंह ने बताया कि सोनीपत से आए डॉ. सुमित कौशिक,डॉ. किरण सिंधू और डॉ. मयंक सोनी ने गोपनीय सूचना के आधार मिथ्या ग्राहक रेणु के साथ संगम सिनेमा रोड लोनी बॉर्डर पर छापा मारा। इस दौरान धीरज मिश्रा, संजय कुमार और साहब सिंह अल्ट्रासाउंड जांच कर रहे थे। मिथ्या ग्राहक से पैसे तय करने के बाद भ्रुण लिंग जांच जैसे ही शुरू की वैसे ही टीम ने तीनों को दबोच लिया। यह अल्ट्रासाउंड सेंटर डॉ. अनीता मिश्रा के नाम पंजीकृत है। मौके पर उनके पति धीरज मिश्रा जांच कर रहे थे। पंजीकरण निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एसीएमओ ने बताया कि नायब तहसीलदार रति गुप्ता की मौजूदगी में पकड़े गए लोगों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में एफआईआर अथवा सक्षम कोर्ट में वाद दायर करने को लेकर मंत्रणा चल रही है।नकली ग्राहक के बल पर छापामार कार्रवाई करने वाली स्वास्थ्य विभाग की टीम को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। पिछले एक साल में नकली ग्राहक से पैसे लेकर आरोपी फरार हो गए और टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा। अब इस आर्थिक नुकसान की भरपाई को लेकर फाइल बनाई जा रही है। हरियाणा की पीसीपीएनडीटी (गर्भ धारण एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक- विनियमन तथा दुरुपयोग अधिनियम) टीमों द्वारा पड़ोसी राज्यों में छापे मारकर 242 एफआईआर दर्ज कराई गई है। इनमें से 114 एफआईआर उत्तर प्रदेश के 14 जिलों में दर्ज है। सबसे अधिक गाजियाबाद में विगत पांच वर्षों में 42 एफआईआर दर्ज कराई गईं हैं। हरियाणा की टीम ने विगत पांच साल में सबसे अधिक छापामार कार्रवाई लोनी क्षेत्र में ही की है। लोनी में विगत एक साल में सात सेंटर पकड़े गए हैं।लोनी और साहिबाबाद में पंजीकृत एवं अपंजीकृत अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर भ्रूण लिंग जांच की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। अनेक केंद्रों के संचालकों द्वारा प्रतिदिन किये जाने वाले अल्ट्रासाउंड का विवरण सीएमओ कार्यालय के साथ ही प्यारी बिटिया पोर्टल पर नहीं दिया जा रहा है। रेडियोलाजिस्ट के स्थान पर अन्य अप्रशिक्षत कर्मचारी जांच कर रहे हैं। इसी को ध्यान में रखकर बुधवार को लोनी में मिथ्या ग्राहक के साथ पंजीकृत शिवा अल्ट्रासाउंड सेंटर पर छापामार कार्रवाई की गई। इस दौरान भ्रूण लिंग जांच की पुष्टि होने पर केंद्र को सील को करते हुए संबंधित के खिलाफ विधिक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।























