चुनावी घोषणा से पहले लद्दाख में गरमाई सियासत, आज बंद का आह्वान, सोनम वांगचुक लेह में आमरण अनशन पर बैठेंगे

जम्मू, 0६ मार्च। लोकसभा चुनाव की तैयारियों के चलते लद्दाख को राज्य दर्जा, संविधान की छठी अनुसूची में शामिल कराने जैसे मुद्दों को लेकर भाजपा विरोधी दलों की सियासत तेज हो गई है। इन मुद्दों पर गृह मंत्रालय से लद्दाख के संगठनों की बैठक के बेनतीजा रही है।अब इन संगठनों ने बुधवार को लद्दाख बंद का आह्वान किया है। लेह व कारगिल में भूख हड़ताल भी होगी। इन मुद्दों को समर्थन देने के लिए लद्दाख के पर्यावरणविद सोनम वांगचुक भी लेह में आमरण अनशन पर बैठने जा रहे हैं। लद्दाख बंद का आह्वान करने वाले लेह अपेक्स बाडी व कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस की उप कमेटी के सदस्य भी बुधवार को दिल्ली से लद्दाख पहुंच रहे हैं। उनके लद्दाख पहुंचने के साथ ही कांग्रेस व नेशनल कान्फ्रेंस के समर्थन से भाजपा को घेरने की राजनीति जोर पकड़ लेगी। लद्दाख बंद का फैसला ऐसे समय हुआ है जब भाजपा क्षेत्र में लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार पर फैसला करने की तैयारी में है।लद्दाख भाजपा ने प्रत्याशी के लिए तीन नामों का पैनल बनाकर हाईकमान को भेजा है। पैनल में वर्तमान सांसद जामयांग सेरिंग नामग्याल, लेह स्वायत्त पर्वतीय परिषद के मुख्य कार्यकारी पार्षद ताशी ग्यालसन व कारगिल जिले के जंस्कार से कारगिल स्वायत्त पर्वतीय परिषद के पार्षद स्टेंजिन लाकपा का नाम हैं। इसी बीच, लद्दाख से भाजपा के सांसद जामयांग सेरिंग नामग्याल ने भी लद्दाख बंद की कॉल देने वाले संगठनों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने इन संगठनों पर अपनी मांगों को लेकर लोगों को अंधेरे में रखने का आरोप लगाया है।मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में सांसद ने कहा है कि दिल्ली में वार्ता करने वाले संगठनों ने पहले छठी अनुसूची की पैरवी की थी, लेकिन उन्होंने जो ड्राफ्ट सौंपा था, उसमें छठी अनुसूची-ए लिखा है। राज्य दर्जे की मांग भी अस्पष्ट है। शायद यही कारण है कि उन्होंने अपना ड्राफ्ट लोगों के लिए सार्वजनिक नहीं किया था। वहीं, सोनम वांगचुक ने वीडियो जारी कहा है कि लद्दाख को संवैधानिक सुरक्षा देने जैसे मुद्दों को लेकर दिल्ली में बातचीत विफल होने के बाद वह लेह में आमरण अनशन करेंगे।सोनम वांगचुक ने लद्दाख भाषा में यह वीडियो जारी कर लद्दाख के मुद्दों को लेकर अपने आमरण अनशन के बारे में जानकारी देने के साथ उन्हें एकजुट होने के लिए कहा है। भूख हड़ताल का आह्वान करने वाले लेह अपेक्स बाडी के सदस्य छीरिंग दोरजे का कहना है कि केंद्र सरकार ने हमारी जायज मांगें मानने से इनकार कर दिया है। ऐसे में हमारे पास अपना आंदोलन जारी रखने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।लद्दाखियों के हितों को दांव पर लगाया जा रहा है।

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