जिला अस्पताल की अव्यवस्था को लेकर उठते सवाल जेडीएस का खाता सीज, खर्चों पर रोक से बिगड़ी व्यवस्था कोरिया

बैकुंठपुर। स्वास्थ विभाग में खरीदी व वाहन में डीजल भुगतान का मामला चर्चित तो रहा ही अब जिला अस्पताल में अनियमितता की जाँच को लेकर जीवन दीप समिति का खाता सीज होने व खर्चों पर रोक लगने की वजह से अस्पताल में व्यवस्था बिगड़ती जा रही है। आपको बता दें कि जीवन दीप समिति में अनियमितता की जांच को लेकर जेडीएस का खाता सीज किया गया था। ऐसे में जांच पूरी नहीं होने के कारण अस्पताल में कूलर व पंखों की मरम्मत तक नहीं हो पा रही है। जिससे पढ़ रही भीषण गर्मी में मरीज सहित हॉस्पिटल पहुँचने वाले परिजन भी परेशान हैं ! जीवन दीप समिति के खाते की जांच पूरी नहीं होने के कारण मामले में अब तक किसी तरह की कार्रवाई नहीं हो सकी है और न ही खाता खुल सका है। जेडीएस का खाता सीज होने के कारण अस्पताल में कई तरह की परेशानियां सामने आ रहीं हैं। 38 डिग्री तापमान के बीच जिला अस्पताल में कूलर की सुविधा से मरीजों को वंचित होना पड़ रहा है। अस्पताल के ज्यादातर वार्ड में पंखे बंद पड़े हैं। कुछ पंखे खराब हो गए हैं जहां नए पंखों की जरूरत है। गर्मी बढ़ते ही अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। पंखे व कूलर बंद होने से मरीज और उनके परिजन परेशान हो रहे हैं। अस्पताल में रोजाना 250 से ज्यादा ओपीडी हो रही है। गंभीर मरीजों की समस्या तो और बढ़ गई है। मेल वार्ड में भर्ती मरीज के परिजन परेशान हैं। ऐसे में दुर्घटना में घायल भर्ती मरीजों का गर्मी के कारण बुरा हाल है। गर्मी से राहत पाने के लिए परिजन मरीज को गमछे से हवा दे रहे हैं। अस्पताल में भर्ती मरीज और उनके परिजन के लिए पीने के ठंडे पानी तक की व्यवस्था नहीं है। मरीज पानी की बोतल खरीदकर प्यास बुझा रहे हैं। मरीजों के परिजन भी पानी के लिए अस्पताल परिसर में भटकते रहते हैं। लोगों को पानी की बोतल खरीदकर प्यास बुझानी पड़ रही है। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में लगा एसी भी काम नहीं कर रहा है। इससे ब्लड डोनेट करने पहुंचने वालों को भी राहत नहीं है। अस्पताल में पूर्व सीएस के कार्यालय में जेडीएस से खरीदी में अनियमितताओं का आरोप है। जिस कारण प्रशासन ने जेडीएस के खाते को सीज कर जांच कमेटी बिठाई है। जांच पूरी होने के बाद ही खाता खुलेगा। वहीं, अस्पताल के अन्य डॉक्टरों ने बताया कि अस्पताल में जरूरत की सामग्री की खरीदी में दिक्कत आ रही है। जेडीएस से पार्ट्स व नई खरीदी के लिए कलेक्टर से अनुमति लेने की प्रक्रिया चल रही है। दूसरी ओर तपिश भरी धूप से गैलरी में गर्म हवा आ रही है। यही हाल बर्न एण्ड सर्जिकल वार्ड में भी है। जेडीएस का खाता बंद होने के कारण अस्पताल में कूलरों की मरम्मत नहीं हो पा रही है। जबकि मरम्मत कार्य फरवरी व मार्च तक पूरा हो जाना चाहिए था। सीएमएचओ डॉ. आर. एस. सेंगर ने कहा कि जेडीएस को सीज इसलिए किया गया था क्योंकि जीवनदीप में कुछ अनियमितता पाई गई थी, लेकिन आवश्यक खर्चों को मंजूरी देने के लिए कोई पाबंदी नहीं है। पाबंदी अनावश्यक खर्चे पर है। बंद कूलर, पंखों पर कहा कि अस्पताल को फरवरी में ही लेटर दिया गया था, मरम्मत कराने के लिए, कुछ पंखे, कूलर की मरम्मत हो गई है, कुछ काम बचे हैं जल्द पूरा करा लिये जाएंगे।

RO No. 13467/11