
पुणे, 01 जून ।
पुणे कार एक्सीडेंट मामले में नाबालिग आरोपी की मां को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मां शिवानी अग्रवाल को मुंबई से गिरफ्तार किया गया। वो फरार चल रही थीं। आरोप था कि उन्होंने नाबालिग बेटे की जगह खुद का ब्लड सैंपल जांच के लिए दिया, ताकि खून मे अल्कोहल की पुष्टि ना हो और बेटा बच न सके। हालांकि कोई चालाकी नहीं चली। इस मामले में आरोपी के पिता और दादा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। नाबालिग पर आरोप है कि उसने तेज गति से अपनी लग्जरी कार चलाते हुए दो लोगों को टक्कर मारी, जिससे उनकी मौत हो गई। दोनों युवक और युवती मध्य प्रदेश के रहने वाले थे और सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल थे। पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने बताया कि दुर्घटना की जांच से पता चला है कि किशोर के रक्त के नमूनों को उसकी मां के रक्त के नमूनों से बदल दिया गया था। पुलिस ने दो दिन पहले एक स्थानीय अदालत को बताया था कि किशोर के रक्त के नमूनों का एक महिला के रक्त के साथ आदान-प्रदान किया गया था। 19 मई की घटना के बाद 17 वर्षीय नाबालिग को बाल सुधार गृह भेज दिया गया था। पिता विशाल अग्रवाल ने भी फरार होने की कोशिश की थी, लेकिन गिरफ्तार कर लिया गया था। वहीं दादा सुरेंद्र अग्रवाल पर आरोप है कि उन्होंने परिवार के एक ड्राइवर को जुर्म अपने सिर लेने के तैयार किया और कोर्ट में झूठी गवाही दिलाई।




























