लखनऊ, १३ जून ।
लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन कर रायबरेली व अमेठी समेत छह सीट जीतने के बाद अब कांग्रेस की नजर विधानसभा उपचुनाव पर है। पार्टी ने इसके लिए अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टी विधानसभा क्षेत्रवार अपनी ताकत का आकलन भी कर रही है। कांग्रेस नौ विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में सपा से तीन या चार सीटें मांग सकती है। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का कहना है कि कांग्रेस ने उपचुनाव में लखनऊ के पूर्वी विधानसभा सीट पर अपना उम्मीदवार उतारा था। नौ सीटों पर उपचुनाव होने पर कांग्रेस भी मैदान में उतरेगी। सीटों को लेकर सपा से बातचीत की जाएगी। लोकसभा चुनाव में विभिन्न दलों से 14 विधायक उतरे थे, जिनमें नौ ने जीत दर्ज की। फूलपुर लोकसभा सीट से भाजपा के प्रवीण पटेल ने जीत दर्ज की है। प्रवीण फूलपुर से विधानसभा चुनाव भी जीते थे। हाथरस से भाजपा के अनूप वाल्मीकि जीते हैं। वह खैर से विधायक थे। गाजियाबाद से भाजपा के अतुल गर्ग ने जीत जीत दर्ज की है। भदोही लोकसभा से मीरजापुर जिले के मझवां विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. विनोद कुमार सिंह जीते हैं। रालोद ने मुजफ्फरनगर जिले की मीरापुर सीट से विधायक चंदन चौहान को बिजनौर लोकसभा सीट से उतारा और वह जीत गए। अयोध्या जिले की मिल्कीपुर सीट से सपा विधायक अवधेश प्रसाद ने फैजाबाद लोकसभा सीट से जीत दर्ज की। मैनपुरी जिले की करहल सीट से विधायक सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कन्नौज लोकसभा सीट जीती है।
कटेहरी के सपा विधायक लालजी वर्मा अंबेडकरनगर लोकसभा सीट से जीते हैं। मुरादाबाद जिले की कुंदरकी सीट के विधायक जियाउर्रहमान बर्क ने सपा के टिकट पर संभल लोकसभा सीट से जीत दर्ज की। अब फूलपुर, खैर, गाजियाबाद, मझवां, मीरापुर, मिल्कीपुर, करहल, कटेहरी व कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव होना है। माना जा रहा है कि जिन सीटों पर सपा के विधायक थे, उन्हें छोडक़र अन्य सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवारों की दावेदारी करेगी।
इसके साथ ही कांग्रेस लोकसभा चुनाव के नतीजों की समीक्षा भी कर रही है। पार्टी ने एक टीम को विधानसभा क्षेत्रवार उसे मिले वोटों के आधार पर रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है। विशेषकर जिन 17 सीटों पर कांग्रेस चुनाव लड़ी थी, उनमें पार्टी मजबूत विधानसभा क्षेत्रों को चिह्नित कर वहां अपनी सक्रियता बढ़ाएगी।