100 साल बाद पंच महायोग गंगाजी के अवतरण जैसा मुहूर्त

रायपुर । ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर गंगा दशहरा मनाया जाएगा। शास्त्रों में उल्लेख है कि सभी के पापों के उद्धार के लिए इस दिन गंगा का अवतरण पृथ्वी लोक पर हुआ था। इस दिन 100 साल बाद पांच शुभ महायोग रवि, सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि, वरियान और मानस योग बन रहा है। ये योग वैसा ही है जैसा गंगाजी के अवतरण के दौरान बना था। इनके प्रभाव से सभी के जीवन में सुखद बदलाव आ सकते हैं।
ज्योतिषाचार्य डॉ. दत्तात्रेय होस्केरे ने बताया कि मां गंगा के स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरण का पौराणिक महत्व कई धार्मिक ग्रंथों में है। पुराणों के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल दशमी हस्त नक्षत्र में देवी गंगा शिवजी की जटाओं से निकलकर धरती पर आई थीं। इस वर्ष ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी को चंद्र प्रधान हस्त नक्षत्र योग ही है। इस पवित्र नदी में स्नान करने से दस प्रकार के पाप नष्ट होते हैं। गंगा नदी में स्नान करना सभी के लिए संभव नहीं हो पाता। यदि गंगा दशहरा का पूर्ण लाभ लेना है तो गंगा दशहरा के दिन पानी में गंगा जल व तुलसी पत्ता डालकर स्नान करें और शिवजी का पूजन करें। इससे देह से संबंधी, मन से संबंधी और वचन से संबंधी पापों से मुक्ति मिल सकती है। गंगा में स्नान करते समय स्वयं श्रीनारायण द्वारा बताए गए मंत्र ऊँ नमो गंगायै विश्वरूपिण्यै नारायण्यै नमो नम: का जाप करें।
पानी में गंगा जल व तुलसी पत्ता डालकर करें स्नान
आज खारुन मैया में चढ़ाएंगे 131 मी. चुनरी गंगा दशहरा पर मंजू करवा संगठन सुंदरनगर द्वारा 16 जून को खारुन गंगा मैया को 131 मीटर की चुनरी ओढ़ाई जाएगी। 25 साड़ी को सिलकर चुनरी तैयारी की गई है। पूजा-अर्चना करने के बाद खारुन मैया को एक पार से दूसरे पार तक शाम 5 बजे यह चुनरी ओढ़ाई जाएगी। आयोजन को लेकर तैयारी पूरी कर ली गई है।
शुभ मुहूर्त सुबह 4.03 बजे से 4.43 बजे तक, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11.54 बजे से दोपहर 12.50 बजे तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 7.20 बजे से 7.40 बजे तक रहेगा। इस समय पूजा और गंगा स्नान करने से संपूर्ण पितरों की प्रसन्नता और मोक्ष की प्राप्ति होगी।

RO No. 13467/10