
निहारिका शाखा के कर्मियों की लापरवाही, लाइट गुल होने से परेशान रही जनता
कोरबा। भारतीय स्टेट बैंक की निहारिका स्थित व्यवसायिक शाखा में रिकार्ड और अन्य सामान जलने से किसी तरह बच गया। बीती मध्य रात्रि को यहां एयर कंडीशनर में शार्ट सर्किट होने से आग लग गई। बैंक में आग लगने की खबर पर अग्निशमन विभाग हरकत में आया और कुछ देर में नियंत्रण कर लिया। आगजनी के असर से एमपी नगर के साथ-साथ आसपास के कई क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। पूरे मामले में बैंक कर्मियों की लापरवाही सामने आई जिसके लिए मौके पर ही नाराज लोगों ने जमकर भड़ास निकाली।
सार्वजनिक क्षेत्र के बड़े बैंकों में शामिल एसबीआई की निहारिका शाखा घंटाघर चौराहे के पास संचालित है। जहां बीती रात 12 बजे के आसपास आग लगने की यह घटना हुई। खबरों में बताया गया कि एसबीआई बिल्डिंग में शुरुआती काउंटर के पास लगा हुआ एयर कंडीशनर इसके लिए कारण बना जिस पर शार्ट सर्किट हुआ। पता चला कि मंगलवार को सुबह 10 बजे से बैंक का लेनदेन संबंधित कामकाज 5 बजे खत्म हो गया था। अन्य कार्यों के लिए कुछ और समय बैंकिंग स्टाफ लेता है और इसके बाद शटर ऑफ होता है। गर्मी के मौसम को देखते हुए यहां कल सुबह से ही सभी एयर कंडीशनर चालू थे। बताया गया कि बैंक बंद होने के बाद भी इन्हें बंद करना या तो जरूरी नहीं समझा गया या फिर लापरवाह कर्मचारी ऐसा करने से भूल गए। 12 घंटे से भी अधिक समय तक ऑपरेट होने की स्थिति में एयर कंडीशनर पर दबाव पड़ा और उसमें शार्ट सर्किट हो गया। बैंक के मुख्य द्वार के भीतर लगाए गए एयर कंडीशनर में हुई शार्ट सर्किट के कारण यहां आग लग गई। व्यस्त क्षेत्र होने पर लोगों को घटना की जानकारी हुई और उन्होंने पुलिस के साथ अग्निशमन को खबर किया। कुछ देर में दमकल यहां पहुंचीं और आनन-फानन में आग को विस्तारित होने से रोक लिया। मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बिजली वितरण कंपनी के अमले को भी बुलाया गया जिसने बैंक की लाइन डिस्कनेक्शन करने की कार्यवाही की। पता चला कि आगजनी के चक्कर में लाइन भी ट्रिप हुई और एमपी नगर के साथ-साथ बड़ा हिस्सा इसकी चपेट में आया। लोगों ने इसे लेकर नाराजगी जाहिर की और बैंक के अधिकारियों को खरी खोटी सुनाई।
जवाब देने से बचे अधिकारी
रात में ही यहां पहुंची मीडिया ने बैंक के अधिकारी को इस मामले को लेकर घेरा। उन्होंने शार्ट सर्किट की बात जरूर की लेकिन लापरवाही से जुड़े सवाल पर किनारा कर लिया। दावा किया जा रहा है कि बैंक में मौजूद रिकार्ड और अन्य जरूरी चीजों को आगजनी में कोई खास नुकसान नहीं हुआ है लेकिन अगर आग बुरी तरह से फैलती तो बैंकिंग स्टाफ का मुश्किल में पडऩा तय था।
ट्रिपर नहीं लगाया बैंक में
विद्युत संसाधनों को दुर्घटना से बचाने के लिए महत्वपूर्ण संस्थानों और प्रतिष्ठानों में ट्रिपर लगाए जाते हैं। इस उपकरण की स्थापना से आपात स्थिति में तुरंत संभावित अनहोनी को ब्रेक किया जा सकता है लेकिन निहारिका एसबीआई शाखा में इस तरफ ध्यान नहीं दिया गया। वहां बड़ी संख्या में एयर कंडीशनर लगे होने और इनके दबाव के बावजूद ट्रिपर नहीं लगाया गया है। इसे भी घटना की एक वजह माना गया।






















