
डेयरी संचालक के कत्ल की गुत्थी सुलझी
जांजगीर चांपा। चाम्पा में हुए अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने में पुलिस सफलता मिली है। चोरी करने घर घुसकर दो ड आरोपियों ने बुजुर्ग की हत्या की थी। ई जेवर और नकदी रकम लेकर आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
इस संबंध में पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार चाम्पा निवासी डेयरी संचालक छोटेलाल पांडेय का शव 26 जून को उसके घर में मिला था। पास में लाल रंग का वायर पड़ा था। आलमारी टूटा हुआ था। पोस्ट मार्टम रिपोर्ट में वायर से गले की स्वासनली को दबाने से मृत्यु की बात सामने आई। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 450,302,382 का अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान मृतक के घर के आसपास के सी सी टीवी कैमरा खंगाले गए। इसके आधार पर पुलिस ने दीपक यादव और शाहिद बेग को पकडक़र पूछताछ की। पुलिस की पूछताछ में दोनों ने अपना अपराध स्वीकार किया। मृतक छोटेलाल पांडेय के डेयरी दुकान के पास मकान होने से दीपक यादव की उससे जान पहचान थी। दीपक और शाहिद पूर्व में कई बार छोटेलाल के घर जा चुके थे।
आरोपियों को पता था कि 26 जून को छोटेलाल घर में अकेला है। दोनों प्लानिंग कर दोपहर 1 बजे अपने स्कूटी से छोटेलाल के घर पहुंचे। कुछ देर बैठने के बाद बिजली के वायर से गला घोंट कर उसकी हत्या कर दी। हत्या करने के बाद आलमारी का लाकर तोडक़र अंदर से सोने का हार, मंगलसूत्र, झुमका व नगदी रकम को चोरी कर भाग निकले। पैसा को दोनों ने आपस मे बांट लिया। वहीं लगातार पुलिस के पूछताछ से सोने के जेवर को कुदरी बैराज में पानी में फेक दिया। पुलिस ने मोदी चौक चाम्पा निवासी 30 वर्षीय दीपक यादव और चाम्पा के शनि मंदिर के पास रहने वाले 26 वर्षीय शहीद बेग को धारा 450,302,382 के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
आरोपियों के कब्जे से स्कूटी, मोबाइल लोहे का औजार व केबल वायर तथा 6700 रुपये बरामद किया गया। कार्यवाही में निरीक्षक नरेश पटेल थाना प्रभारी चांपा, सायबर सेल प्रभारी पारस पटेल, उपनिरीक्षक के डी बनर्जी, एएसआई विवेक सिंह, दिलीप सिंह, मुकेश पांडेय, अरुण सिंह, प्रधान आरक्षक प्रकाश राठौर, अजय चतुर्वेदी, वीरेंद्र टंडन, महिला प्रधान आरक्षक श्यामा जसवाल, आरक्षक दिकेश्वर साहू, नितिन द्विवेदी, माखन साहू, संकर राजपूत, पदम राज सिंह, भूपेंद्र गोस्वामी, सायबर सेल जांजगीर से प्रधान आर. मनोज तिग्गा, प्रधान आरक्षक विवेक सिंह, आरक्षक रोहित कहरा, आरक्षक आनंद सिंह, प्रदीप दुबे, मोहमद शाहबाज, गिरीश कश्यप का योगदान रहा।














