फंड के अभाव में नहीं बना भवन, स्कूल में लग रहा कॉलेज

बिर्रा। शासकीय नवीन महाविद्यालय भवन के लिए मंजूरी मिलने के बाद भी निर्माण अब तक शुरू नहीं हो पाया है। नाबार्ड में डिपाजिट राशि जमा नहीं होने से अब तक निर्माण के लिए राशि उपलब्ध नहीं हुई है। इसके कारण टेंडर नहीं हो पा रहा है। कॉलेज भवन नहीं होने के कारण विद्यार्थियों की कक्षाएं हायर सेकंडरी स्कूल में लगाई जा रही है। इससे स्कूल के विद्यार्थियों को भी परेशानी हो रही है। भवन नहीं होने के कारण छात्र कॉलेज में एडमिशन नहीं ले रहे हैं।
दरअसल बिर्रा में कॉलेज की स्थापना हो चुकी है, लेकिन कॉलेज को अब तक खुद का भवन नहीं मिला है। तत्कालीन उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय ने नवीन महाविद्यालय की स्वीकृति दी थी। उसके बाद से अब तक नवीन महाविद्यालय हायर सेकंडरी स्कूल के भवन में चल रहा है। नवीन महाविद्यालय भवन के लिए पंचायत ने जमीन भी अलाट हो चुकी है। नवीन महाविद्यालय भवन के लिए 4 करोड़ 62 लाख रुपए की प्रशासकीय मंजूरी भी हो चुकी है, लेकिन उच्च शिक्षा ने नाबार्ड में डिपाजिट राशि जमा नहीं होने के कारण लोकनिर्माण विभाग टेंडर जारी नहीं कर पा रहा है।
राशि जमा नहीं होने से टेंडर में देरी ट्टनवीन महाविद्यालय भवन सारागांव बिर्रा में उच्च शिक्षा विभाग से प्रशासकीय स्वीकृति मिली है परन्तु नाबार्ड में डिपाजिट राशि जमा नहीं होने पर निविदा प्रक्रिया में देरी हो रही है। -केके सरल, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी, चांपा

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