
उपभोक्ताओं को मिलगा निगरानी का अधिकार
कोरबा । वितरण कंपनी को लाइन लॉस की मिलेगी सटीक आधुनिक तकनीक से लैस स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने पर वितरण कंपनी को लाइन लॉस की सटीक जानकारी मिल पाएगी। इसमेंं जरूरी उपाय से राजस्व घाटा कम कर सकेंगे। वहीं बिजली खपत की निगरानी का उपभोक्ताओं को अधिकार मिलेगा। इससे वे भी नियंत्रण के उपाय कर बिजली की खपत में कमी ला सकेंगे।बिजली वितरण कंपनी के लिए लाइन लॉस रोकना चुनौतीपूर्ण है। केन्द्र सरकार की रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) से बिजली वितरण में सुधार को लेकर काम हुए हैं। लाइन लॉस को 15 फीसदी से कम करने और बिजली की प्रति यूनिट आपूर्ति की औसत लागत घटाकर औसत राजस्व प्राप्त करने का लक्ष्य है। आरडीएसएस स्कीम के तहत बिजली उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगेंगे। जिले में एबी टाइप कॉलोनी से ट्रायल भी शुरू हो गया है। बिजली उपभोक्ताओं के घरों के अलावा सब स्टेशन के फीडर व डिस्ट्रीब्यूशन पाइंट के ट्रांसफार्मर में स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। लाइन लॉस की सटीक जानकारी हासिल करने में वितरण कंपनी को लाभ मिलेगा। इस तरह संबंधित क्षेत्र के बिजली वितरण की कार्यप्रणाली में सुधार कर सकेंगे। वहीं स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को फायदा यह है कि वे बिजली की खपत की निगरानी स्वयं कर पाएंगे। बिजली खपत में नियंत्रण के उपाय कर कमी ला सकेंगे।बिजली अधिकारियों का यह दावा है कि जिन घरेलू उपभोक्ताओं के परिसर में यह स्मार्ट मीटर लगाने के बाद समीक्षा की है वहां की मीटर रीडिंग सटीक व वास्तविक है। साथ ही यह संपूर्ण रूप से उपभोक्ताओं के हित में है। समग्र तकनीकी व वाणिज्यिक (एटीएंडसी) घाटे को कम करने से वितरण सिस्टम मजबूत होगा। इससे वितरण कंपनी के वित्त में सुधार होगा। इससे सिस्टम को बेहतर ढंग से बनाए रखने और जरूरत के मुताबिक बिजली खरीदने में सक्षम बनाएगा। अभी बिजली का उपयोग कर समय पर बिल का भुगतान नहीं करने से बिजली वितरण कंपनी कोरबा सर्किल में उपभोक्ताओं का बकाया 250 करोड़ से अधिक है। स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने पर मोबाइल की तरह रिचार्ज कराने पर बिजली मिलेगी।राज्य बिजली नियामक आयोग ने बिजली कंपनी मुख्यालय में स्मार्ट मीटरिंग की कार्यप्रणाली व प्रगति से जुड़े प्रस्तुतिकरण का अवलोकन किया। स्मार्ट लगाने ठेका लेने वाली कंपनियों के अधिकारी भी मौजूद रहे। केन्द्र सरकार ने वितरण कंपनी की परिचालन क्षमता को मजबूत बनाने आरडीएसएस स्कीम से वित्तीय मदद की है। इसी स्कीम के फंड से अब उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जाएं


























