सरोगेसी पर मध्यप्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, महिला को मिलेगा दस लाख रुपये का बीमा

भोपाल: सरोगेसी यानी किसी के बच्चों को जन्म देने के लिए अपनी कोख देने वाली महिला के गर्भवती होने पर स्वास्थ्य जोखिम का बीमा अब 10 लाख रुपये कर दिया गया है। अभी तक यह राशि दो लाख रुपये थी। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के अध्यक्षता में मंत्रालय में राज्य एसिस्टेडेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलाजी एवं सरोगसी बोर्ड की बैठक संपन्न हुई। इसमें प्रदेश में राज्य स्तर पर आवेदित सरोगेसी प्रकरणों पर समुचित विचार कर शीघ्र निर्णय लेने के निर्देश दिए गए। उल्लेखनीय है कि राज्य एसिस्टेडेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलाजी एवं सरोगेसी (विनियमन) अधिनियम के अंतर्गत 126 संस्थाओं (एआरटी बैंक, एआरटी लेवल-1 क्लीनिक, एआरटी लेवल-2 क्लीनिक तथा सरोगसी क्लीनिक) का पंजीयन किया गया है। बैठक में विधायक रीति पाठक, प्रियंका मीणा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
पांच दिन के भीतर अपलोड करना होगा सोनोग्राफी का एफ फार्म
उधर, उप मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में पीसीपीएनडीटी सुपरवाइजरी बोर्ड की भी बैठक हुई। इसमें निर्णय लिया गया है कि सोनोग्राफी के दौरान भरे जाने वाले एफ फार्म उसी दिन नहीं अगले पांच दिन में कभी भी अपलोड किए जा सकेंगे। डिजिटल फार्म-एफ को अपलोड करने के लिए तकनीकी प्रक्रियाओं के सरलीकरण के लिए समुचित प्रयास किए जाएं। प्रशिक्षु चिकित्सक (रेडियोलाजी और स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ) द्वारा पंजीकृत सोनोग्राफी मशीन का उपयोग एवं रिपोर्टिंग तथा भ्रूण लिंग चयन संबंधी उपकरणों के तकनीशियन की योग्यता का स्पष्ट मार्गदर्शन केंद्रीय बोर्ड से प्राप्त किया जाए।

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