
कोरबा। भ्रष्टाचार के मामले में प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति को घोषित किया है और इसके अंतर्गत संबंधित प्रकरणों में प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की गई है। पिछले कुछ महीनों में कार्रवाई हुई भी है। इसके बावजूद कुछ विभागों में कर्मियों की स्वेच्छाचारिता के नमूने सामने आ रहे हैं। पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर के प्रतिनिधि अनिल चौरसिया ने सरकार से मांग की है कि ऐसे प्रकरणों में कठोर कार्रवाई की जरूरत है।
उन्होंने प्रधानमंत्री आवास से संबंधित श्यांग के एक प्रकरण के परिप्रेक्ष्य में यह बात कही। एक वीडियो इस कड़ी में वायरल हुआ है जिसमें 35 हजार की रिश्वत का जिक्र हुआ है। जनपद से जुड़े कर्मी की बातचीत हितग्राही के परिजन ने रिकार्ड की है। कई माध्यम से यह वायरल हुई है और इससे पता चलता है कि योजनाओं को पलीता लगाने के लिए किस प्रकार की कोशिश हो रही है। भाजपा नेता चौरसिया ने कहा कि हितग्राहियों को लाभान्वित करने के लिए योजनाएं चलाई जा रही है और हर हाल में इनकी पूर्ति होना चाहिए। ऐसे प्रकरणों में अगर कोई अधिकारी या कर्मी अवैधानिक कृत्य करता है तो उसकी खबर ली जानी चाहिए।
























