शेयर ट्रेडिंग के नाम पर मोटे मुनाफे का दिया झांसा लोगों से 70 करोड़ ठगे, एसटीएफ ने दो लोगों को दबोचा

गाजियाबाद, 0९ सितम्बर ।
स्पेशल टास्क फोर्स लखनऊ ने इंदिरापुरम कोतवाली क्षेत्र के वसुंधरा सेक्टर पांच स्थित मोहन मीकिंस सोसाइटी से शेयर ट्रेडिंग के नाम पर निवेश कर मुनाफा कमाने का लालच देकर लोगों से 70 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से पुलिस ने छह मोबाइल, खाते व कंपनी का विवरण बरामद किया है। एसटीएफ मेरठ के अपर पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि एसटीएफ को सूचना मिल रही थी कि लोगों से मुनाफा कमाने के नाम पर झांसा देकर शेयर ट्रेडिंग के नाम पर निवेश कर ठगी करने वाला गिरोह सक्रिय है। इसके लिए टीम लगी हुई थी।सूचना मिली थी कि विनोद कुमार धामा गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर जनता के व्यक्तियों से धोखाधड़ी कर शेयर ट्रेडिंग के नाम से मोटी रकम लेकर उन्हें लालच देकर रुपये निवेश कराता है। ज्यादा रुपये खाते में हो जाने के बाद कंपनी बंद कर देता है। किसी दूसरे स्थान पर नए नाम से कंपनी बना लेता है। नोएडा के एच-87, सेक्टर-63 में पूर्व में भी कल्प वृक्ष ट्रेडिंग मास्टर टैक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के नाम से और हॉट सिक्योरिटी लिमिटेड व आयुर्वेद इंडिया लिमिटेड के नाम से गाजियाबाद में भी ट्रेडिंग फर्म खोली थी। इसमें करोड़ों रुपये का निवेश होने के बाद बंद कर इंदिरापुरम में छिपे होने की सूचना मिली थी।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए इंदिरापुरम कोतवाली क्षेत्र के वसुंधरा सेक्टर-5 स्थित मोहन मीकिंस सोसाइटी के एक फ्लैट में छापा मारा, जहां से पुलिस ने ग्राम पावला बेगमाबाद, जनपद बागपत के विनोद कुमार धामा और रविन्दर उर्फ नवाब को गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ को पूछताछ में आरोपियों ने जानकारी दी कि विनोद कुमार ने शेयर ट्रेडिंग का काम करने वाली अमेरिकन कंपनी में कुछ दिन काम कर शेयर ट्रेडिंग सीखी। वर्ष 2022 में विनोद ने अपने साथियों के साथ मिलकर नोएडा में एच-87 सेक्टर-63 में ऑनलाइन ट्रेडिंग के लिए कल्प वृक्ष ट्रेडिंग मास्टर टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड और ट्रेडिंग मास्टर कंपनी बनाकर रजिस्टर्ड कराई थी।इसके मालिक विनोद धामा व प्रवीण धामा उर्फ सोनू और डायरेक्टर विनोद धामा व रोहित खान थे।
कंपनी के अतिरिक्त विनोद धामा ने अपने साथियों के साथ मिलकर ट्रेडिंग के लिए एक ट्रेडिंग बोट मास्टर नितेश, नामक व्यक्ति से पांच लाख रुपये में ऑनलाइन खरीदी थी। इसके माध्यम से ऑनलाइन ऑटोमेटिकली ट्रेडिंग होती थी। इसके द्वारा लोगों में प्रचार-प्रसार करके रुपये निवेश करने का लालच दिया जाता था।लोगों को ज्यादा से ज्यादा रुपये निवेश करने व प्रतिमाह 10 से 15 प्रतिशत ब्याज देने का प्रलोभन दिया जाता था। गैंग के सदस्यों द्वारा अधिक से अधिक लोगों को जोडने के लिए एक स्कीम निकाली। जिसके तहत कुछ लीडर बनाए और उनकी आइडी बनाकर उन्हें टारगेट दिया गया था। अधिक से अधिक धन निवेश करने पर इनाम भी रखा था।

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