
लखनऊ। इजरायल व हमास के बीच छिड़े युद्ध के कारण क्षतिग्रस्त हुए भवनों को ठीक करने व घायलों की देखभाल के लिए 15 हजार श्रमिकों की जरूरत है। इजरायल ने एक बार फिर भारत से 10 हजार निर्माण श्रमिकों और घायलों की देखभाल के लिए पांच हजार देखभाल कर्ताओं की आवश्यकता को पूरा करने के लिए सहयोग मांगा है। ऐसे में अब फिर कौशल टेस्ट के माध्यम से श्रमिकों का चयन किया जाना है। पिछली बार 16,832 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था और इसमें से 10,349 अभ्यर्थी चुने गए थे।उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की ओर से इजरायल में नौकरी करने के इच्छुक अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे गए हैं। ऐसा व्यक्ति जो हाईस्कूल पास हो, उसके पास देखभालकर्ता के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम और 990 घंटे का ऑन द जॉब ट्रेनिंग का सर्टिफिकेट होना जरूरी है।
इजरायल की पॉपुलेशन, इमीग्रेशन एंड बॉर्डर अथॉरिटी (पीआइबीए) ने आयरन वेल्डिंग, प्लास्टरिंग और सेरेमिक टाइलिंग के लिए विशेषकर श्रमिकों की मांग की है। पीआइबीए की टीम अगले हफ्ते भारत का दौरा करेगी।पिछले वर्ष नवंबर में चयनित अभ्यर्थियों को 1.92 लाख रुपये मासिक वेतन के साथ अन्य भत्ते दिए जा रहे हैं। अब निर्माण श्रमिकों की भर्ती के लिए दूसरा राउंड महाराष्ट्र में आयोजित होगा। इससे पहले उत्तर प्रदेश, हरियाणा व तेलंगाना में भर्ती अभियान चलाया गया था। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम ने सभी राज्यों से भर्ती के लिए संपर्क किया है। ऐसे में यूपी के युवाओं के पास इजरायल में नौकरी करने का अच्छा अवसर है।




















