भगवान का भजन करने से हमेशा होता है कल्याण :प्रपन्नाचार्य

जांजगीर चांपा। राम जी की कथा का कोई अंत नहीं है। एक जीवन तो क्या कई जन्म कम पड़ जाएंगे यह कथा कभी पूरी नहीं होगी। हरि अनंत हरि कथा अनंता हम कुछ सुना पाए आप जो कुछ सुन पाए उसमें पूज्य गुरुदेव जी एवं भगवान हरि की कृपा समाहित है। यह मार्मिक उद्गार अवधपुरी धाम से पधारे हुए अनंत विभूषित स्वामी रत्नेश प्रपन्नाचार्य महाराज ने शिवरीनारायण मठ महोत्सव के समापन अवसर पर अभिव्यक्त की। राम कथा के अंतिम दिवस श्रोताओं से कहा कि जो धर्म के पथ पर चलता है, जो सत्य पथ पर चलता है, उसके पैर को कोई हिला नहीं सकता ! इसलिए रावण के दरबार में कोई भगवान राघवेंद्र सरकार के बारात में शामिल छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत एवं अन्य। भी अंगद के पांव को हिला नहीं सके। सतयुग में युद्ध दो लोक (देवलोक एवं दैत्य लोक) में होता था। त्रेता में यह दो देशों तक आ गया भारत और श्रीलंका, द्वापर में परिवार के बीच में युद्ध होने लगा (कौरव और पांडव आपस में भिड़ गए)। कलयुग में अब अंर्तद्वंद प्रारंभ हो गया है। प्रत्येक व्यक्ति के अंत:करण में युद्ध की लहरें उठ रही है। वैराग्य का सबसे प्रबल युद्ध काम से होता है। मेघनाथ काम का प्रतीक है उसने लक्ष्मण रूपी वैराग्य पर वीर घातनी शास्त्र का प्रयोग किया। वे मूर्छित हो गए, ध्यान रखना काम वैराग्य को मूर्छित तो कर सकता है लेकिन परास्त नहीं! देखा लखन का हाल तो श्री राम रो पड़े यह गाकर उन्होंने स्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। जीवन में जितना पाप होना था हो गया आज ही से सारे अभिमान को छोडक़र भगवान का भजन करो कल्याण हो जाएगा। उन्होंने राम रावण युद्ध से लेकर राम राज्य तक की पूरी कथा श्रोताओं को सुनाया। श्री शिवरीनारायण मठ महोत्सव के समापन के अवसर पर लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। लोग बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। 6 दिसंबर को शाम के समय सीताराम विवाह महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। शिवरीनारायन मठ से भगवन की झांकी के साथ बाजे गाजे के साथ बारात निकाली गई। बारात में छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत बाराती बनकर सम्मिलित हुए। उनके साथ राजेश्री मठ रामसुंदर दास, पामगढ़ विधायक शेष राज हरबंस, अकलतरा विधायक राघवेंद्र सिंह, पूर्व विधायक मोतीलाल देवांगन, चंद्रदेव राय सहित गणमान्य नागरिक भगवान के बारात में सम्मिलित हुए।

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