
पटना, 0४ जनवरी
जदयू के मुख्य प्रवक्ता एवं विधान परिषद के सदस्य नीरज कुमार ने जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर (पीके) के आमरण अनशन पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पीके का आंदोलन राजनीतिक नाटक से अधिक कुछ नहीं है। इस दौरान उन्होंने ये भी कहा कि शराबबंदी का विरोध करने वाले प्रशांत किशोर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे बैठ कर अनशन करने का नैतिक अधिकार नहीं है।नीरज कुमार ने कहा कि बापू ने शराब के सेवन को पाप की श्रेणी में रखा था। उन्हीं से प्रभावित होकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में शराबबंदी कानून को लागू किया।अब प्रशांत किशोर कह रहे कि उनकी सरकार बनी तो शराबबंदी समाप्त कर देंगे। शराब की आमदनी से मिलने वाली राशि को शिक्षा पर खर्च करेंगे। नीरज ने कहा कि असल में प्रशांत किशोर को बेरोजगार छात्रों से कोई सहानुभूति नहीं है। वे विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव और सांसद पप्पू यादव के साथ राजनीतिक प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। इन तीनों का उद्देश्य छात्रों-युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना है।
आमरण अनशन के दूसरे दिन शुक्रवार को जन सुराज पार्टी (जसुपा) के सूत्रधार प्रशांत किशोर (पीके) के आंदोलन में सहभागिता निभाने के लिए युवाओं की टोली आती-जाती रही। शिक्षाविद केसी सिन्हा भी पहुंचे, जो जसुपा की कोर कमेटी के सदस्य हैं। आते-जाते जत्थों के साथ सरकार विरोधी नारों से गांधी मैदान का वह कोना गूंज उठता, जहां बापू की प्रतिमा के नीचे पीके कड़ाके की ठंड में अनशन पर हैं। उन्हें मनाने-समझाने के लिए पटना के एडीएम भी पहुंचे।


































