
नई दिल्ली। मोहब्बत की दुकान चलाने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी पिछले आठ महीनों में आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल के लिए काफी बदल चुके हैं। या यूं कहें कि सियासी मजबूरी ने उनके दिल में केजरीवाल के लिए ‘मोहब्बत’ की जगह ‘नफरत’ पैदा कर दी है।आठ महीने पहले जब देश में लोकसभा चुनाव चल रहे थे, उस समय राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल एक साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे थे। देशभर में दोनों की पार्टियों के बीच 22 सीटों पर जुगलबंदी थी।तब राहुल ने मई, 2024 में दिल्ली की एक सभा में कहा भी था कि इस चुनाव में मेरा वोट केजरीवाल को जाएगा और केजरीवाल का वोट कांग्रेस को, लेकिन मई, 2024 से जनवरी, 2025 में आते-आते जिस तरह से मौसम ने करवट ली। ठीक उसी तरह से राहुल ने भी यू-टर्न ले लिया। राहुल के बयानों में अब अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी पर ताबड़तोड़ हमले हो रहे हैं। सत्ता से बाहर करने के साथ दिल्ली में कांग्रेस को शून्य पर लाने वाले अरविंद केजरीवाल और राहुल गांधी के बीच नजदीकियों की शुरुआत साल 2023 में हो गई थी। जब भाजपा की केंद्र सरकार को उखाड़ फेंकने की मंशा से सभी विपक्षी दल आइएनडीआइए के बैनर तले एक साथ आ गए। यहां राहुल और केजरीवाल एक मंच पर पहुंचे। इसके बाद मार्च, 2024 में जब केजरीवाल को आबकारी नीति घोटाले में गिरफ्तार किया गया तो राहुल गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया दी।


























