
मुंबई, १८ मार्च ।
मुंबई सहित महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में सोमवार को खुल्दाबाद स्थित औरंगजेब की कब्र हटाने को लेकर प्रदर्शन किए गए और जिलाधिकारियों को ज्ञापन दिए गए। इस दौरान नागपुर में हुए प्रदर्शन के बाद मुस्लिम समाज भी सडक़ पर उतरा और पथराव और आगजनी की।मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी एक बयान में कहा है कि औरंगजेब का महिमामंडन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र सामना ने अपने संपादकीय में औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग कर रहे हिंदू संगठनों की तुलना तालिबान से की है।नागपुर के महल इलाके में भारी भीड़ जमा है। पुलिस ने भीड़ से इलाका खाली करने को कहा है। पुलिस हिंसा में शामिल लोगों की पहचान करके गिरफ्तारी में जुटी है। लोगों को अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की हिदायत दी है। इस बीच आग लगने के बाद वाहनों में धमाकों की आवाज भी सुनी गई।महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि नागपुर के महल इलाके में जिस तरह से स्थिति तनावपूर्ण बनाई गई, वह बेहद निंदनीय है। कुछ लोगों ने पुलिस पर भी पत्थरबाजी की। यह गलत है। मैं स्थिति पर नजर रख रहा हूं।मैंने पुलिस कमिश्नर से कहा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जो भी सख्त कदम उठाने जरूरी हैं, वे उठाए जाएं। अगर कोई दंगा करता है या पुलिस पर पत्थरबाजी करता है या समाज में तनाव पैदा करता है तो ऐसे सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।मैं सभी से अपील करता हूं कि नागपुर की शांति भंग न हो, यह सुनिश्चित करें। अगर कोई तनाव पैदा करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।नागपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. रविंदर सिंघल का कहना है कि अभी स्थिति शांतिपूर्ण है। एक तस्वीर जलाई गई। इसके बाद लोग इक_ा हुए। उन्होंने अनुरोध किया और हमने इस संबंध में कार्रवाई भी की। वे मुझसे मिलने मेरे कार्यालय भी आए थे। उन्हें बताया गया कि उनके द्वारा बताए गए नामों के आधार पर एक प्राथमिकी दर्ज की गई है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।हिंसा की घटना रात 8 से 8:30 बजे के आसपास हुई। बहुत अधिक वाहनों में आग नहीं लगाई गई है। हम इसका आकलन कर रहे हैं। दो वाहनों में आग लगाई गई है और पथराव किया गया है। पुलिस तलाशी अभियान चला रही है और इसमें शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है। लोगों से अपील है कि अफवाहों पर विश्वास न करें।महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग हाल ही में सपा विधायक अबू आसिम आजमी के एक बयान के बाद शुरू हुई है। आजमी ने औरंगजेब की प्रशंसा करते हुए उसे एक अच्छा शासक बताया था। उसके बाद से ही छत्रपति संभाजी नगर के बाहरी हिस्से खुल्दाबाद में स्थित औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग हो रही है। भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) जैसे राजनीतिक दलों के नेता खुलकर यह मांग कर रहे हैं।विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल जैसे हिंदू संगठनों ने भी इस मांग को लेकर प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। सोमवार को हिंदू तिथि के अनुसार छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर इन संगठनों ने मुंबई, पुणे, नागपुर सहित महाराष्ट्र के कई नगरों में खुल्दाबाद स्थित औरंगजेब की कब्र हटाने को लेकर प्रदर्शन किया। नागपुर के महल क्षेत्र में विहिप और बजरंगदल द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने एक प्रतीकात्मक कब्र बनाकर उसे खोदा और फिर उसे आग के हवाले कर दिया।इसके बाद शाम को मुस्लिम समाज के लोग भी सडक़ पर आ गए और पुलिस पर पथराव करने लगे। पथराव में चार पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है। उन्होंने सडक़ पर खड़े कुछ वाहनों को आग के हवाले कर दिया। उनका कहना है कि हिंदू प्रदर्शनकारियों द्वारा खोदी और जलाई गई प्रतीकात्मक कब्र के ऊपर हरे रंग का जो कपड़ा उढ़ाया गया था, उस पर कुछ पवित्र कलमे लिखे हुए थे।जिसे जलाने से इस्लाम का अपमान हुआ है। मगर मुस्लिम समाज के प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र की कुछ मस्जिदों से मुस्लिमों को रमजान के पवित्र माह का हवाला देते हुए घर लौट जाने की अपील भी की जाती रही।






















