
नईदिल्ली, १९ मार्च ।
विधि क्षेत्र की दो प्रमुख हस्तियों हरीश साल्वे और एपी शाह ने संसद की एक समिति के समक्ष एक राष्ट्र- एक चुनाव को लेकर अलग-अलग विचार व्यक्त किए।वरिष्ठ अधिवक्ता साल्वे ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि प्रस्तावित कानून संवैधानिक आवश्यकताओं को पूरा करता है जबकि विधि आयोग के पूर्व अध्यक्ष एपी शाह ने इसे संविधान का उल्लंघन बताया और कहा कि इस विधेयक को कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। सूत्रों ने बताया कि दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश शाह ने कई बिंदुओं पर विधेयक को गलत ठहराया, जिसमें राज्य विधानसभा चुनावों को स्थगित करने की सिफारिश करने के लिए चुनाव आयोग को दी गई शक्ति भी शामिल है। कुछ सांसदों ने कहा कि शाह ने दावा किया कि यह विधेयक संविधान, लोकतांत्रिक सिद्धांतों और संघीय ढांचे का उल्लंघन करता है। हालांकि, साल्वे ने उन तर्कों को खारिज कर दिया कि एक राष्ट्र-एक चुनाव संबंधी विधेयक संविधान की बुनियादी संरचना और संघीय सिद्धांतों के खिलाफ है।उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव विधि और संविधान सम्मत है। विधेयक लोगों के मतदान के अधिकार पर अंकुश नहीं लगाता है। साल्वे और शाह दोनों से लगभग पांच घंटे की बैठक में भाजपा सांसद पीपी चौधरी की अध्यक्षता वाली समिति के सदस्यों ने अलग-अलग सवाल पूछे। चौधरी ने बैठक को सकारात्मक बताया। उन्होंने बताया कि जहां साल्वे को करीब तीन घंटे लगे वहीं शाह का सत्र दो घंटे में समाप्त हुआ। साल्वे पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति के सदस्य भी थे, जिसने लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनावों को एक साथ कराने की सिफारिश की थी। शाह उन कानूनी विशेषज्ञों में शामिल थे जिनके विचार समिति द्वारा मांगे गए थे और माना जाता है कि उन्होंने एक राष्ट्र-एच चुनाव के प्रस्ताव पर अपनी असहमति व्यक्त की जबकि अधिकांश विशेषज्ञ इसके पक्ष में थे।
शाह ने इस विचार का भी समर्थन नहीं किया कि एक साथ चुनावों से बड़ी मात्रा में सार्वजनिक धन की बचत होगी। सूत्रों के अनुसार, शाह ने समिति को बताया कि विधानसभा चुनाव पूरे पांच साल के कार्यकाल के लिए होने चाहिए। विधेयक में प्रस्ताव है कि एक साथ चुनाव कराने संबंधी कानून के अधिसूचित हो जाने पर सभी राज्य विधानसभाओं के चुनाव अगले संसदीय चुनाव के साथ ही कराए जाएंगे, भले ही उनके कार्यकाल की अवधि कितनी भी शेष क्यों न हो।




















