
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जल्द ही काफी लोगों के राशन कार्ड रद हो सकते हैं। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने अब धोखाखड़ी रोकने के लिए ई-वेरिफिकेशन का काम शुरू कर दिया है। राशन कार्ड धारकों के वेरिफिकेशन के लिए यह प्रक्रिया 31 मार्च तक चलेगी। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राशन कार्ड धारकों को वेरिफिकेशन के लिए ज्यादा भटकने की जरूरत नहीं होगी। कार्ड धारक घर बैठकर अलग-अलग तरीके से अपना वेरिफिकेशन कर सकते हैं। लाभार्थियों को आधार नंबर होने का प्रमाण देने के साथ उसे राशन कार्ड से लिंक भी करना होगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राजधानी में सभी राशन कार्ड धारकों के पास बायोमेट्रिक आधारित स्मार्ट राशन कार्ड हैं, लेकिन 2013 के बाद, वेरिफिकेशन प्रक्रिया जो हर पांच साल में होनी चाहिए, वह नहीं हुई। इसलिए नए राशन कार्ड के लिए जगह नहीं बन पाई। वर्ष 2013 से अब तक जिन कार्ड धारकों की मृत्यु हो गई है या जो लोग केवल निवास प्रमाण के लिए राशन कार्ड रखते हैं, उनके नाम हटा दिए जाएंगे। जिन्हें सरकारी नौकरी मिल गई होगी, आय बढ़ गई होगी, उनका नाम भी हटा दिया जाएगा। खाली जगहों पर नए कार्ड बनेंगे। अभी दिल्ली में 17.41 लाख से अधिक राशन कार्ड धारक हैं। वेरिफिकेशन की प्रक्रिया इसलिए भी है अहम है, क्योंकि दिल्ली सरकार आने वाले दिनों में कई आर्थिक सहायता वाली योजनाएं शुरू करने वाली हैं।पहला विकल्प राशन कार्ड धारक केंद्र सरकार के मोबाइल ऐप मेरा ई-केवाईसी का प्रयोग करके ई-सत्यापन करा सकते हैं। इससे अगर किसी व्यक्ति का राशन कार्ड दो राज्यों में होगा तो वह पकड़ा जाएगा। दिल्ली से उसका नाम हटा दिया जाएगा। इससे लंबित आवेदनों को राशन कार्ड बनवाने का मौका मिलेगा।दूसरा विकल्प राशन कार्ड धारक पीओएस (पॉइंट ऑफ सेल) मशीन पर बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन भी करा सकते हैं। यह मशीन उन दुकानों पर होती है, जहां से आप सरकारी राशन लेते हैं।


















