
नई दिल्ली। सरकारी आवास से बेहिसाब नकदी मिलने के बाद जांच का सामना कर रहे दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायाधीश यशवंत वर्मा से न्यायिक कार्य वापस लेने के साथ ही उनको मूल न्यायालय इलाहाबाद हाई कोर्ट भेज दिया गया है। दूसरी तरफ इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने जस्टिस वर्मा को भेजे जाने के कोलेजियम के फैसले के विरोध में मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा की है। दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय द्वारा जारी नोटिस पर सोमवार को हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार (लिस्टिंग) की तरफ से नोट जारी किया गया। इसमें कहा गया कि हालिया घटनाक्रम को देखते हुए जस्टिस वर्मा से न्यायिक कार्य वापस लिया जा रहा है। जस्टिस यशवंत वर्मा अब तक जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर के साथ दो सदस्यीय पीठ का हिस्सा थे।
हाईकोर्ट भेजने के फैसले की पुष्टि
इस बीच, प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने सोमवार को जस्टिस वर्मा को इलाहाबाद हाई कोर्ट वापस भेजने के अपने निर्णय की पुष्टि की। शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर अपलोड किए गए एक प्रस्ताव में जस्टिस वर्मा को वापस भेजने को लेकर केंद्र सरकार से की गई सिफारिश सार्वजनिक की गई। प्रस्ताव में कहा गया है- ‘सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने 20 मार्च और 24 मार्च को आयोजित बैठकों में दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा को इलाहाबाद हाई कोर्ट में वापस भेजने की सिफारिश की है।’ सुप्रीम कोर्ट ने 21 मार्च को कहा था कि दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने जस्टिस वर्मा के खिलाफ आंतरिक जांच शुरू की है और उन्हें इलाहाबाद हाई कोर्ट वापस भेजने का प्रस्ताव अलग है।
बार एसोसिएशन करेगा हड़ताल
सोमवार शाम बार के अध्यक्ष अनिल तिवारी तथा महासचिव विक्रांत पांडेय ने कार्यकारिणी की आपात बैठक के बाद यह जानकारी दी। पदाधिकारियों ने कहा कि बदली परिस्थिति के कारण आपातकालीन बैठक में हुए निर्णय के क्रम में मंगलवार से अग्रिम सूचना तक हम अधिवक्तागण न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे।






















