महिला ने सडक़ किनारे दिया बच्ची को जन्म, बस से लौट रही थी घर, आनन-फानन में पहुंची एंबुलेंस और…

ओरछा, २५ मार्च ।
बस में सफर कर रही गर्भवती महिला को तेज प्रसव पीड़ा होने पर सडक़ किनारे बच्ची को जन्म देना पड़ा। इस दौरान कुछ अजनबी महिलाओं ने मानवता की मिसाल पेश की और मदद के लिए आगे आईं।सूचना पर कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने मौके पर एंबुलेंस भिजवाई तो जच्चा और बच्चा, दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया। वाक्या मध्य प्रदेश की पर्यटन नगरी ओरछा में झांसी मार्ग पर स्थित सातार नदी किनारे का है।19 वर्षीय छोटी कुमारी आदिवासी पति सनी और चचेरी बहन चंदी बहेलिया के साथ फर्रुखाबाद से झांसी आई थी। झांसी में उसका प्रसव होना था, लेकिन डॉक्टरों ने पहले अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। आर्थिक या अन्य कारणों से उन्होंने अल्ट्रासाउंड नहीं कराया और झांसी से टीकमगढ़ के लिए बस से रवाना हो गईं।बस से यात्रा के दौरान वह सोमवार सुबह करीब 9.50 बजे ओरछा के सातार स्मारक के पास पहुंचीं तो अचानक प्रसव पीड़ा होने लगी। दर्द असहनीय होता गया, जिससे मजबूर होकर बस से उतरना पड़ा। आसपास कोई अस्पताल नहीं था और कहीं ले जाने का मौका भी नहीं था।नतीजतन, सडक़ किनारे स्थित एमजी ढाबा और सातार स्मारक के बीच उन्होंने बच्ची को जन्म दिया। सूचना मिलने पर डायल 100 के सिपाही कुलदीप यादव और अनिल रजक भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद महज 10 मिनट के भीतर एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई और जच्चा-बच्चा दोनों को सुरक्षित ओरछा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। छोटी कुमारी के पति ने बताया कि झांसी में अल्ट्रासाउंड करने को कहा गया, हमने मना किया तो उन्होंने प्रसव कराने से मना कर दिया। ऐसे में टीकमगढ़ लौट रहे थे। झांसी में डॉक्टरों ने सही समय पर मदद की होती तो शायद जोखिम भरी स्थिति से बचा जा सकता था।

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