
बीजिंग। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस की शनिवार को चीन की चार दिवसीय यात्रा समाप्त हो गई। उन्होंने कहा कि उनके देश के लिए चीन को एक अच्छे मित्र के रूप में देखना महत्वपूर्ण है। उन्हें उम्मीद है कि ढाका और बीजिंग के बीच संबंध एक नए चरण में प्रवेश करेंगे।यूनुस ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में हमारे संबंध बहुत मजबूत रहे हैं। व्यापार बहुत मजबूत है और हम चीन के साथ सहयोग से लाभान्वित होते हैं। मुख्य सलाहकार ने शुक्रवार को चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मुलाकात की। उन्होंने राजनीतिक और आर्थिक संकट से प्रभावित बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए चीन से निवेश बढ़ाने की मांग की।यूनुस ने कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हम चीन को अपना अच्छा दोस्त मानें। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ को दिए साक्षात्कार में यूनुस ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि द्विपक्षीय संबंध नए चरण में प्रवेश करेंगे।चीन यात्रा के बाद यूनुस बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए थाईलैंड जाने वाले हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की मांग की है, लेकिन भारत ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है।अपनी नई दिल्ली यात्रा के दौरान 22 जून, 2024 को पूर्व पीएम शेख हसीना ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक में तीस्ता नदी जल प्रबंधन का काम भारत को देने का वादा किया था। दोनों नेताओ में सहमति बनी थी कि जल्द ही एक भारतीय टीम ढाका का दौरा करेगी जो तीस्ता जल प्रबंधन की भावी योजना की रूपरेखा तैयार करेगी।रिम सरकार के प्रमुख प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस ने चीन की कंपनियों को भारत के लिए बेहद संवेदनशील इस नदी परियोजना का काम देने का वादा किया है। यूनुस ने शुक्रवार को चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ बैठक की। इसमें नौ समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
कुछ समझौते भारत के हितों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं।सिर्फ तीस्ता जल प्रबंधन का ही नहीं बल्कि मोंगला बंदरगाह को विकसित करने के लिए भारत के साथ पूर्व आवामी लीग की सरकार के कार्यकाल में बनी सहमति को भी रद करने की मंशा यूनुस ने दिखा दी है। यूनुस और चिनफिंग के बीच बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में बांग्लादेश ने चीन को अपनी मोंगला पोर्ट को अत्याधुनिक बनाने व विकसित करने के लिए स्वागत किया है। चीन की इस पर लंबे अरसे से नजर थी।


























