
जांजगीर-चांपा। नगर के लायंस डीएवी पब्लिक स्कूल में डीएवी संस्था के संस्थापक महात्मा हंसराज के जन्मदिन पर सामूहिक हवन हुआ। हवन में आहुति दी गई। कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंध समिति के पूर्व अध्यक्ष दीनदयाल अग्रवाल ने कहा कि महात्मा हंसराज का जन्म 19 अप्रैल 1864 को लाला चुन्नीलाल और माता गणेश देवी के घर हुआ था।
वे साधारण परिवार से थे। उनका बचपन गरीबी और मुश्किलों से भरा था। पढ़ाई के लिए उन्हें गांव से दूर जाना पड़ता था। सन् 1877 में लाहौर में वे महर्षि दयानंद से मिले। इसके बाद उनका रुझान आर्य समाज की ओर हो गया। महर्षि दयानंद सरस्वती के निधन के बाद लाहौर के आर्यभक्त उनकी याद में कुछ करना चाहते थे। तब अंग्रेजी के साथ वैदिक संस्कृति की शिक्षा देने वाले स्कूल खोलने की योजना बनी।


























