
ऩईदिल्ली, २८ अप्रैल ।
मध्य प्रदेश के कई जिलों में शराब बैन होने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी एक्टिव मोड में आ गया है। ईडी ने मंदसौर में कई जगहों पर छापेमारी की है। इस दौरान शराब ठेकेदारों से जुड़े 11 परिसरों की तलाशी ली गई और कई चीजें जब्त भी कर ली गई हैं। शराब ठेकेदारों के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने यह जांच शुरू की है। मंदसौर के कई शराब ठेकेदारों पर आरोप है कि उन्होंने जालसाजी और हेरफेर के जरिए सरकारी राजस्व को 49,42,45,615 रुपये का नुकसान पहुंचाया है। साथ ही शराब ठेकेदारों ने वित्त वर्ष 2015-16 से वित्त वर्ष 2017-18 के बीच शराब अधिग्रहण के लिए अवैध रूप से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) हासिल किया है। इन्हीं अपराधों के मद्देनजर शराब ठेकेदारों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। ईडी की शुरुआती जांच में कई चौंकाने वाले पहलू सामने आए हैं। मसलन शराब ठेकेदार कम पैसों का चालान भरते थे और फिर चालान की रकम को बढ़ाकर आबकारी कार्यालय में जमा करते थे। पहले ठेकेदार छोटी-छोटी रकम के चालान कटवाते थे और फिर चालान की रसीद में रकम बढ़ाकर आबकारी कार्यालय में जमा कर देते थे।
मगर अब ईडी ने इस जालसाजी का भंडाफोड़ कर दिया है। इन सभी शराब ठेकेदारों पर धन शोधन निवारण अधिनियम , 2002 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसी कड़ी में ईडी ने शराब ठेकेदारों के 11 ठिकानों पर छापा मारा है। इस पूरे मामले की जांच की जा रही है।
























