
रामानुजगंज। सरगुजा जिले के दूरस्थ विकासखंड भरतपुर जनकपुर के ग्राम खमरोद में सहायक शिक्षक के रूप में 22 किलोमीटर पैदल चलकर पदभार ग्रहण किया था। जब पदभार ग्रहण करने गया था तो मैं अकेला था आज मुझे बहुत खुशी है कि आज इतनी संख्या में लोग मेरे सेवानिवृत्ति के अवसर उपस्थित है उक्त उद्गार ग्राम देवीगंज के माध्यमिक शाला में पदस्थ प्रधान पाठक ने विदाई समारोह के दौरान व्यक्त किया। इस दौरान अन्य वक्ताओं के द्वारा वेद प्रकाश केसरी के कर्मठता निष्ठा की मुक्त कंठो से प्रशंसा की।
42 वर्ष आदिम जाति कल्याण विभाग में शिक्षक के रूप में कार्य करने के बाद वेद प्रकाश केसरी के सेवा निवृत्ति के अवसर पर संकुल के द्वारा विदाई समारोह का आयोजन वन वाटिका में किया गया था। जिसमें 200 से अधिक पूरे विकासखंड से शिक्षक उपस्थित रहे। ग्राम केवड़ाशीला में पदस्थ प्रधान पाठक विपिन पाठक ने कहा कि वेद प्रकाश केशरी के साथ में 1992 से नौकरी कर रहा हूं पढ़ाई के प्रति इनका शुरू से समर्पण रहा हैम जो हम सबको प्रेरणा प्रदान करते रहा है वे जहां भी रहे अपना अलग छाप छोड़े। प्रधान पाठक एमडी पांडे ने कहा कि वेद प्रकाश केशरी विकासखंड के उत्कृष्ट शिक्षकों में एक है। जो आदर्श शिक्षक के रूप में हमेशा कार्य किए हैं उनके कार्यों की जितनी सराहना की जाए वह कम है। इस दौरान लालमन प्रसाद सोनी,लाल बिहारी चौबे, सूर्य प्रताप कुशवाहा, शिवकुमार यादव ,विनीत गुप्ता, राज वैभव सिंह, प्रहलाद सोनी, सिमी गुप्ता, नीमा केसरी, नयन केशरी,नंदनी भारद्वाज, मंटू ठाकुर, विक्रांत ठाकुर,अनु रवानी, सुषमा ठाकुर, अर्जुन यादव, धीरज बर्मन रवि भूषण मेहता, अभिषेक मेहता अजीत गुप्ता, सत्य व्रत सिन्हा विनोद कुमार गुप्ता, कुंदन कुमार दुबे, साधना एक्का, मधु तिवारी विजय कश्यप सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। विदाई समारोह का सफल संचालन शिक्षक राज वैभव सिंह वह आभार प्रदर्शन प्राचार्य विजय कश्यप ने किया। जिला पंचायत के सभापति बद्री यादव भी विदाई समारोह में उपस्थित हुए उन्होंने कहा कि वेद प्रकाश केशरी मेरे गांव में प्रधान पाठक के रूप में पदस्थ थे उनकी निष्ठा एवं समर्पण को हम सब ने देखा है आज उनकी कमी हम सबको निश्चित रूप से खलेगी। श्री यादव ने कहा कि ऐसे शिक्षा के प्रति समर्पण भाव रखने वाले शिक्षक कम ही देखने को मिलते हैं। वेद प्रकाश केसरी पूरे अपने नौकरी कल के दौरान करीब उन्हें 500 दिन अर्जित अवकाश मिला था जिसमें उन्होंने 100 दिन ही अर्जित अवकाश लिया 400 दिन उनका अर्जित अवकाश शेष था ऐसे बिरले रहते हैं।



























