
कोरबा। इस बार भी बारिश के प्रारंभिक चरण में ही कोरबा के चिमनीभट्टा, अमरैया, रामनगर और मुड़ापार क्षेत्र में सैकड़ो मकान के साथ-साथ बड़े हिस्से में पानी का भराव हो गया। तीन तरफ से आने वाले इस समस्या का सबसे अहम कारण माना गया। प्रशासन के ध्यान में इन चीजों को लाया गया। जानकारी मिली होगी इस पर अधिकारियों ने गंभीरता दिखाई और 78 लाख रुपए के कार्यों को स्वीकृत भी कर दिया। इनके टेंडर भी लगने की जानकारी है।
पिछले वर्षों से हर बारिश के मौसम में इस तरह की समस्या कोरबा शहर के इन क्षेत्रों में सामने आती रही है। नगर निगम और प्रशासन की जानकारी मैं समस्या पहले से रही लेकिन उसकी ओर से समुचित ठोस कदम उठाने की दिशा में कार्यवाही नहीं की गई। नतीजा यह रहा की इस वर्ष में बारिश ने अपने देवर दिखाई तो शहर का एक बड़ा हिस्सा जल भराव की समस्या की जद में आ गया। इन इलाकों में मकान के साथ-साथ वहां पर रखें लोगों के सामानों को नुकसान पहुंचा। इलेक्ट्रॉनिक से लेकर इलेक्ट्रिकल आइटम, खाने पीने की सामग्री और कपड़ों को भी नुकसान पहुंचने की खबर है। बताया गया कि इन क्षेत्रों में तीन अलग-अलग स्थान से होकर पानी पहुंचता है जिसके कारण अजीब स्थिति निर्मित हो जाती है। इस बार भी ऐसा हुआ। तथ्यों के साथ प्रशासन को इस संबंध में अवगत कराने पर माना गया कि समाधान के रास्ते तलाशने जरूरी है। फौरी तौर पर जरूरी निर्माण करने को अनुमति दी गई है। इनमें एक काम 50 लाख और दूसरा 28 लाख रुपए का शामिल है। बताया गया कि डिस्ट्रिक्ट मिनिरल फाऊंडेशन से इन कार्यों को कराया जाना है। ये कार्य अधूरे कल्वर्ट को पूरा करने व शराब भट्टी के नजदीक से सम्बंधित है।
अमरैयापारा पार्षद प्रभा टीकम राठौर ने बताया कि संपूर्ण क्षेत्र की बारिश से जुड़ी हुई समस्याओं के निराकरण के लिए तीन करोड़ की लागत के कार्य करने के लिए प्रस्ताव दिया जा रहा है। इस दिशा में कदम उठाए जाते हैं तो बारिश में हर वर्ष होने वाली समस्याओं को नियंत्रित किया जाना संभव हो सकेगा।