
कोरबा। जिले से प्रशासन और पुलिस की संवेदनहीनता का शर्मनाक चेहरा सामने आया है। बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र में एक वृद्ध महिला की अधजली लाश को पोस्टमार्टम के लिए शव वाहन या एंबुलेंस में ले जाने की बजाय नगर निगम की कचरा ढोने वाली गाड़ी में ठूंसकर अस्पताल पहुंचाया गया। इस अमानवीय हरकत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही जिले में हडक़ंप मच गया और पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े हो गए।घटना को लेकर जनता में गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि मृतक के प्रति घोर अपमान और प्रशासनिक विफलता का जीता-जागता उदाहरण है। आखिर ऐसी व्यवस्था क्यों नहीं, जहां इंसानी शव को भी सम्मानपूर्वक अस्पताल तक पहुंचाया जा सके? जानकारी के अनुसार, बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र में गीता विश्वास नामक वृद्ध महिला की अधजली लाश संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुई। मौके पर पहुंची पुलिस ने वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की। लेकिन इस दौरान न तो शव वाहन आया और न ही एंबुलेंस। पुलिस ने स्श्वष्टरु से शव वाहन मांगा, लेकिन वहां से भी निराशा हाथ लगी। इसके बाद पुलिस ने नगर निगम की कचरा ढोने वाली गाड़ी का इस्तेमाल किया और उसी में शव को भरकर अस्पताल भेजा। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि महिला का शव कचरा गाड़ी में रखा गया है और वाहन अस्पताल की ओर जा रहा है। इस वीडियो ने जिले के पुलिस-प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। लोग सवाल पूछ रहे हैं कि क्या कोरबा में इंसान की लाश की कीमत सिर्फ एक कचरा गाड़ी जितनी रह गई है?















