
जांजगीर। एक करोड़ साठ लाख की ठगी कर आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में फरार आरोपी सोनू कर्ष को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वह पचोरी, थाना सारागांव जिला जांजगीर-चांपा का रहने वाला है।
मामले की शिकायत सतेंद्र पटनवार ने की थी। वह कोरिया का निवासी है। उसने बताया कि उसके भांजे अमन कौशिक ने आरोपी अनुराग राठौर और उसके साथियों को 1 करोड़ 60 लाख रुपए उधार दिए थे। रकम वापस मांगने पर आरोपियों ने धोखाधड़ी की। अमन को मानसिक रूप से प्रताडि़त किया। आरोपियों की प्रताडऩा से तंग आकर अमन ने 10 सितंबर 2024 को जहर खा लिया। उसे अपोलो अस्पताल बिलासपुर में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। थाना जांजगीर में अपराध दर्ज किया। जांच के दौरान अमन की मौत के बाद मामले में धारा 108, 111(2)(क) जोड़ी गई।
आरोपी अनुराग राठौर, अंशुल गुहा, ऋषि चौहान और सतीश सोनवानी को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है। घटना के बाद आरोपी सोनू फरार हो गया था। उसकी तलाश में पुलिस लगातार लगी थी। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप के निर्देशन में सूचना मिली कि आरोपी तमिलनाडु की ओर छिपा है। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने जुर्म स्वीकार कर लिया।
दो नाबालिग को भगाने वाले गिरफ्तार कोतवाली थाना पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत भी बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने 420 के एक आरोपी को पकडऩे के साथ-साथ दो नाबालिग बालिकाओं को भगाने वाले दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। आरोपी मनोज साहू (20 वर्ष, लच्छनपुर) को तमिलनाडु के सेलम से और लालकृष्ण श्रीवास (25 वर्ष, नागरदा) को हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस की तत्परता से दो परिवारों को उनकी बच्चियां सुरक्षित वापस मिली हैं।














