
नवादा, १३ जुलाई
पूर्व मंत्री राजबल्लभ यादव की पत्नी और नवादा सदर से राष्ट्रीय जनता दल की विधायक विभा देवी ने विधानसभा चुनाव से पहले अपनी ही पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाए, जिसकी चर्चा राजनीतिक गलियारे में खूब हो रही है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी और उनके कुछ करीबी नेताओं द्वारा उनके और उनके परिवार पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उनके सम्मानित परिवार की छवि को खराब करने की कोशिश की जा रही है। विभा देवी ने कहा कि वह राजनीति में अपना सम्मान बेचकर नहीं आई हैं। उन्होंने कभी घूस नहीं ली और न ही भ्रष्टाचार किया। विभा देवी ने आरोप लगाया कि जब सरकार बनाने-बिगाडऩे का खेल चल रहा था, तब तेजस्वी के साथ रहने वाले उनके कुछ करीबी नेताओं ने उनसे भारी धनराशि की मांग की थी। वह यह रकम नहीं दे सकीं। इसके बावजूद उन्होंने और विधायक प्रकाश वीर ने पार्टी नहीं छोड़ी। जबकि कई नेताओं ने उन्हें पाला बदलने का प्रलोभन दिया था। उन्होंने कहा कि यही उनकी गलती थी कि वह तेजस्वी को गलत काम के लिए पैसा नहीं दे सकीं। विधायक ने कहा कि उनके पति राजबल्लभ प्रसाद वर्षों से जेल में हैं। उनके पास करोड़ों रुपये का इंतजाम करने का कोई जरिया नहीं था। फिर भी उन्होंने और प्रकाश वीर ने धर्म और कर्तव्य निभाते हुए तेजस्वी के साथ खड़े रहना चुना। विभा देवी ने एक पुरानी मुलाकात का जिक्र किया।
इस दौरान तेजस्वी ने लोकसभा चुनाव की चर्चा शुरू की थी। तब राजबल्लभ प्रसाद ने साफ कहा था कि उनका परिवार अब राजनीति में सक्रिय नहीं रहेगा। उन्होंने यह भी कहा था कि वह जेल में हैं, सजायाफ्ता हैं और उन्हें वोट देने का भी अधिकार नहीं है। राजबल्लभ प्रसाद ने लालू प्रसाद से कहा था कि अच्छे नेता बनने के लिए पांच गुण जरूरी होते हैं- झूठ बोलना, जनता को ठगना, भाई-भाई में लड़ाई कराना, घूस लेना और बड़े नेताओं की खुशामद करना। उन्होंने कहा कि इनमें से कोई गुण उनमें नहीं है। इसलिए वह राजनीति से दूर रहना चाहते हैं।















