महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रहे तीज त्योहार

एनटीपीसी व समाज विकास समिति के सहयोग से मिला प्रोजेक्ट
कोरबा। ग्राम पंचायत धनरास की महिलाओं के द्वारा एनटीपीसी एवं परिवर्तन समाज विकास समिति के तत्वावधान में गांव की महिलाओं ने रक्षाबंधन के पावन पर्व पर एक नई मिसाल कायम करते हुए हाथ से सुंदर-सुंदर राखियां बनाना शुरू किया है। यह पहल न केवल रचनात्मकता और संस्कृति को बढ़ावा दे रही है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका का नया साधन भी बन गई है।
पेड़ की छांव में लगी यह छोटी सी राखी दुकानें अब गांव की रौनक बन गई हैं। महिलाएं और बच्चियां मिलकर रेशमी धागों और साज-सज्जा की सामग्री से विविध प्रकार की राखियाँ बना रही हैं। इन राखियों को गाँव में ही एक छोटे से स्टॉल के माध्यम से बेचा जा रहा है। इस कार्य से महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में बढऩे का अवसर मिल रहा है। इस आयोजन का संचालन एनटीपीसी एवं परिवर्तन समाज विकास समिति के सहयोग से किया जा रहा है, जिसमें महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें हुनरमंद बनाया गया। ग्रामीणों में इस पहल को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सभी राखियाँ साथ ही बांस से बनी एवं कढ़ाई हुई रूमाल खरीदने आ रहे हैं और महिलाओं के कार्य की सराहना कर रहे हैं। महिलाएं और किशोरियां मिलकर समूह में बांस की सजावटी सामग्री कपड़े की कढ़ाई एवं राखी निर्माण कर रही हैं। महिलाओं द्वारा स्थानीय बाजार में कम कीमत में हस्तनिर्मित सामाग्रियां बेची जा रही है। इस पहल से गांव की महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं। महिलाओं ने पारंपरिक त्योहार को आत्मनिर्भरता से जोड़ते हुए लाभ अर्जित कर रहीं हैं। इस प्रकार, एक छोटे से गाँव में महिलाएं अपनी मेहनत और रचनात्मकता से एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही हैं, जो ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस पूरे कार्य को करने के लिए एनटीपीसी एवं परिवर्तन समाज विकास समिति की तर$फ से अक्षय कुमार दुबे जो ग्रामीण क्षेत्रों को शहरों से जोडऩे टीम के साथ मिल कर इस काम के माध्यम से ग्राम पंचायत धनरास को एक अच्छी दिशा में मोडऩे का प्रयास कर रहे है ।

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