
कोरबा। जीवन के सभी क्षेत्रों में शिक्षा अपनी उपयोगिता को साबित करती है और लोगों को सम्मान दिलाती हैं। उत्कर्ष के लिए शिक्षा को विशेष रूप से महत्व मिला हुआ है। जिस तरह से सामाजिक क्षेत्र में बदलाव आ रहा है उसे देखते हुए यह जरूरी हो गया है कि अब शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार भी विकसित किए जाएं।
एजुकेशनल एकेडमी का संचालन करने वाले अक्षय दुबे ने विशेष चर्चा में इस बात को कहा। उन्होंने कहा कि आदर्श समाज की स्थापना करने के लिए संस्कार सबसे अनिवार्य तत्व माने जा सकते हैं। छात्र जीवन की शुरुआत से पहले ही अगर इनका बेहतर तरीके से वीजा रोपण कर दिया जाए तो हर समाज एक अच्छे परिणाम को प्राप्त कर सकने में सफल हो सकता है। उन्होंने कहा की व्यावहारिक और अकादमिक शिक्षा के अपने अलग पैमाने हो सकते हैं लेकिन इस बात को स्वीकार करना होगा कि शिक्षा को जब तक सही अर्थों में हम आगे का नहीं करते हैं, विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी ऊंचाई प्राप्त करने में मुश्किल हो सकती है। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल में अभी के जैसे बड़े-बड़े संस्थान नहीं हुआ करते थे बल्कि गुरुकुलों के माध्यम से विद्यार्थियों को भविष्य का जिम्मेदार नागरिक बनाने की कोशिश की जाती थी। वर्तमान में जिस प्रकार की चुनौतियां देखने को मिल रही हैं, उसके लिए हर किसी को बहुत कुछ करने की आवश्यकता है।


















