
दिल्ली 08 अगस्त। आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली स्कूल शिक्षा (फीस निर्धारण एवं विनियमन में पारदर्शिता) विधेयक, 2025 में कई संशोधन प्रस्तावित किए। पार्टी ने दावा किया कि मौजूदा मसौदा अभिभावकों की बजाय निजी स्कूल प्रबंधन को तरजीह देता है। पार्टी ने सख्त ऑडिट, फीस विनियमन समितियों में अभिभावकों का अधिक प्रतिनिधित्व और एक सरल शिकायत निवारण तंत्र की मांग की। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, विपक्ष की नेता आतिशी ने भाजपा के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार पर स्कूलों को अनियंत्रित और बढ़ी हुई फीस वसूलने की अनुमति देने के लिए जानबूझकर विधेयक में देरी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, यह विधेयक अप्रैल में तैयार हो गया था, लेकिन इसे सदन में अब लाया गया है, जिससे स्कूलों को मनमानी बढ़ोतरी करने के लिए महीनों का समय मिल गया। आप ने चार प्रमुख संशोधनों की रूपरेखा प्रस्तुत की। पहला, इसने अनिवार्य वार्षिक ऑडिट का प्रस्ताव रखा, जिसमें स्कूलों को अभिभावकों को ऑडिट किए गए खाते प्रस्तुत करने होंगे।






















