
श्रीनगर, १३ अगस्त ।
जम्मू-कश्मीर सरकार ने डीएसपी आदिल मुश्ताक के खिलाफ विभागीय जांच बंद कर दी है। सभी आरोपों से बरी होने के आधार पर उसे वापस पुलिस सेवा में बहाल कर दिया है। डीएसपी आदिल मुश्ताक पर आतंकवाद से जुड़े आरोपितों की मदद करने अपने पद एवं प्रतिष्ठा के खिलाफ भ्रष्टाचार में लिप्त होने के आरोप थे।उसे 21 सितंबर 2023 को निलंबित किया गया था। जम्मू-कश्मीर गृह विभाग ने डीएसपी आदिल मुश्ताक के खिलाफ सभी विभागीय जांच बंद करने और उसकी सेवा बहाली का आदेश जारी कर दिया है। इसमे कहा गया है कि आदिल मुश्ताक के खिलाफ सितंबर 2023 में सीआईडी की एक रिपोर्ट के बाद जांच शुरू की गई थी। उसके खिलाफ आरोप था कि उन्होंने आतंकी फंडिंग व आतंकवादी मामलों से जुड़े आरोपितों की मदद के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया । इसके बाद, उसे भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत पुलिस स्टेशन नौगाम में दर्ज एफआईआर संख्या 149/2023 के तहत गिरफ्तार किया गया और 21 सितंबर, 2023 को निलंबित कर दिया गया। उसके खिलाफ दिसंबर 2024 में एक विभागीय जांच का आदेश दिया गया।
जम्मू-कश्मीर पुलिस की अपराध शाखा के डीआईजी अब्दुल कयूम को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। आरोपित डीएसपी ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया। साक्ष्यों की जांच के बाद जांच अधिकारी ने भी डीएसपी के खिलाफ सभी आरोप हटाने की सिफारिश की। सीआईडी ने अपने जवाब में पुष्टि की कि आपराधिक जांच और विभागीय जांच, दोनों ही ठोस सबूतों के अभाव में किसी भी गड़बड़ी का पता नहीं लगा सकीं।
2023 में दर्ज मामले में तकनीकी आधार पर न्यायालय ने डीएसपी आदिल को पहले ही बरी कर दिया था। सीआईडी के निष्कर्षों और टिप्पणियों की जांच के बाद, सक्षम प्राधिकारी ने जांच अधिकारी की रिपोर्ट स्वीकार कर ली, जांच बंद करने का आदेश दिया और डीएसपी आदिल मुश्ताक को तत्काल प्रभाव से बहाल कर दिया। आदेश में कहा गया है कि उसके निलंबन की अवधि अलग से तय की जाएगी।



















