156 करोड़ रुपये का घोटाला… अदालत ने खारिज की कारोबारी विक्की रमांचा की अग्रिम जमानत

नईदिल्ली, १३ अगस्त ।
दिल्ली में पटियाला हाउस स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने एंटी-डायबिटिक दवा ओजेम्पिक से 156 करोड़ रुपये (18.8 मिलियन अमेरिकी डॉलर) के अंतरराष्ट्रीय फर्जीवाड़ा मामले में कारोबारी विक्की रमांचा को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ लालेर ने कहा कि कथित धोखाधड़ी का पैमाना और अमेरिका में नकली दवाएं भेजने से जुड़ा गंभीर स्वास्थ्य जोखिम इस स्तर पर जमानत देने के अनुकूल नहीं है। अदालत ने टिप्पणी की कि भारत का दवा उद्योग एक रणनीतिक राष्ट्रीय संपत्ति है, जिसे आपराधिक शोषण से बचाना बेहद जरूरी है। नकली दवाओं की आपूर्ति सीधे जनस्वास्थ्य और सुरक्षा पर हमला है। दवा अपराधों पर त्वरित कार्रवाई फार्मेसी आफ द वर्ल्ड के रूप में भारत की प्रतिष्ठा बनाए रखने और वैध निर्माताओं को नियामकीय प्रतिकूलताओं से बचाने के लिए आवश्यक है।

RO No. 13467/11