कोरबा। कोरबा जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग अंतर्गत कटघोरा-अंबिकापुर टू-लेन सडक़ को फोरलेन बनाने के लिए डीपीआर बनेगी। इसके लिए एनएचएआई ने एजेंसी तय करने की प्रक्रिया शुरू की है। इसकी लंबाई 145 किलोमीटर बताई जा रही हैं। फोरलेन बनाने 60 मीटर जमीन अधिग्रहित की जाएगी। इसके साथ ही उरगा से कटघोरा फोरलेन सडक़ के लिए भी शीघ्र जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। दोनों सडक़ के बनने से कोरबा की चारों दिशाओं में फोरलेन सडक़ हो जाएगी। कटघोरा-अंबिकापुर राष्ट्रीय राजमार्ग को बने लगभग साढ़े 5 साल हो गए हैं। टू-लेन सडक़ का निर्माण नेशनल हाईवे स्टेट ने दो चरणों में कराया है। इसकी वजह से सडक़ में कई तरह की खामियां भी है। पहले चरण में कटघोरा से शिवनगर तक 80 किलोमीटर सडक़ का निर्माण 527.25 करोड़ की लागत से कराया गया है। दूसरे चरण में शिव नगर से अंबिकापुर तक सडक़ बनने में काफी देरी हो गई। पिछले साल तक सडक़ बनी है। इसमें ही नवंबर में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस सडक़ को फोरलेन बनाने की मंजूरी दी थी। इसके बाद से ही प्रक्रिया चल रही है। डीपीआर बनाने का काम निजी एजेंसी ही करेगी। इसके बाद ही राशि तय होगी। अभी इस मार्ग पर कई स्थानों पर अंधे मोड़ हैं। जिसके कारण दुर्घटनाएं होती है। डिवाइडर नहीं होने के कारण वाहनों के बीच टक्कर भी होती है। कटघोरा-उरगा के बीच फोरलेन सडक़ का भूमिपूजन हो चुका है। उसे बनाने के लिए 1 साल पहले ही 42.1 किलोमीटर सडक़ के लिए 1593 करोड़ की मंजूरी मिल चुकी है। लेकिन जमीन अधिग्रहण नहीं होने के कारण निविदा नहीं हो सकी। आरोप लगाते हुए बताया जा रहा हैं की लोगों ने अधिक मुआवजा के लिए जमीन के कई टुकड़े कर दिए। इसी वजह से जिला प्रशासन ने जमीन की खरीदी बिक्री पर रोक लगा दी है।इकोनामिक कॉरिडोर की उरगा-पत्थलगांव सडक़ का निर्माण कार्य चल रहा है। इसकी लागत 1955 करोड़ आंकी गयी हैं। यह सडक़ भी दिसंबर 2026 तक बनकर तैयार हो जाएगी। यह सडक़ धनबाद तक बननी है। जशपुर हिस्से की सडक़ का काम अभी शुरू नहीं हुआ है। कटघोरा से चांपा के बीच 78 किलोमीटर सडक़ फोरलेन बननी है। पहले चरण में उरगा-चांपा के बीच 38.200 किलोमीटर सडक़ 999.97 करोड़ में बनी है। इस मार्ग पर टोल प्लाजा भी शुरू हो गया है। दूसरे चरण में कटघोरा-उरगा के बीच फोरलेन सडक़ बननी है। यह सडक़ हनुमानगढ़ी के पास बिलासपुर और अंबिकापुर राजमार्ग से जुड़ेगी। उरगा से बिलासपुर के बीच इकोनामिक कॉरिडोर की 70 किलोमीटर सडक़ बन रही है। इसकी लागत 1745 करोड रुपए है। लेकिन ढेका के पास जमीन अधिग्रहण की वजह से 800 मीटर की सडक़ नहीं बनी हैं। इस सडक़ को कारण मार्ग पर अभी आवाजाही भी इस साल के अंत तक शुरू करने का प्रयास चल रहा है।
 डीपीआर की प्रक्रिया शुरू की गई है : डीडी पार्लावार
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर डीडी पार्लावार का कहना है कि कटघोरा-अंबिकापुर राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन बनाने डीपीआर के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। उरगा-कटघोरा के लिए भी जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करेंगे।