Oplus_131072

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक बड़ा एक्शन देखने को मिला, जहां सकरी थाना क्षेत्र के भरनी गांव में सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बने चर्च को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। इस दौरान हिंदू संगठन के लोग जय श्री राम के नारे लगा रहे थे।

क्या था मामला?

स्थानीय निवासियों और हिंदू संगठनों ने 13 जुलाई 2025 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि महावीर सूर्यवंशी और उनके परिवार ने सरकारी जमीन पर चर्च बनाया है और यहां धर्मांतरण का खेल चल रहा है। जांच में पता चला कि निर्माण अवैध था और धर्मांतरण की गतिविधियां चल रही थीं।

प्रशासन की कार्रवाई

पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने सोमवार सुबह चर्च को ढहा दिया। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि सरकारी जमीन पर किसी भी अवैध अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

परिवार का पक्ष

चर्च चलाने वाले महावीर सूर्यवंशी के परिवार ने दावा किया कि यह उनका निजी घर है और गांव में कोई चर्च न होने के कारण वे घर में ही प्रार्थना करते हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी मर्जी से ईसाई धर्म अपनाया है और किसी को जबरदस्ती धर्मांतरण के लिए प्रेरित नहीं किया।

बिलासपुर में बढ़ते मामले

यह कार्रवाई बिलासपुर में धर्मांतरण से जुड़ी अन्य घटनाओं की श्रृंखला का हिस्सा है। हाल ही में बंधवा पारा में सरकंडा पुलिस ने छापेमारी कर पास्टर संध्या तिवारी समेत दो महिलाओं को गिरफ्तार किया था।

हिंदू संगठनों की प्रतिक्रिया

हिंदू संगठनों ने प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत किया और चेतावनी दी कि यदि भविष्य में भी ऐसे अवैध धर्मांतरण की कोशिश हुई तो कड़ा विरोध किया जाएगा। यह घटना छत्तीसगढ़ में बढ़ते धर्मांतरण विवादों को दर्शाती है, जहां राज्य सरकार अवैध गतिविधियों पर सख्ती बरत रही है ।