
नईदिल्ली, १9 अगस्त ।
पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि के मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व पीएम जवाहरलाल नेहरू पर निशाना साधा। उन्होंने संसद या अपने मंत्रिमंडल को विश्वास में लिए बिना पाकिस्तान के साथ समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए तत्कालीन जवाहरलाल नेहरू की आलोचना की। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने कहा कि नेहरू ने देश के हित की कीमत पर अपनी छवि चमकाने के लिए ऐसा किया। उन्होंने कहा कि 80 प्रतिशत से अधिक जल का उपयोग पाकिस्तान को करने की अनुमति दी गई है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद पीएम मोदी ने इस संधि को स्थगित कर दिया है। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार उस दौर के पापों को धो रही है। उन्होंने ये भी कहा कि बाद में नेहरू ने अपने एक सहयोगी से कहा कि उन्हें विश्वास था कि यह समझौता पाकिस्तान के साथ अन्य मुद्दों को सुलझाने में मदद करेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पीएम नरेंद्र मोदी ने ये बातें दिल्ली में एनडीए संसदीय दल की बैठक में कहीं। इस दौरान उन्होंने एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन को सम्मानित भी किया।
इसके अलावा उन्होंने विपक्ष के साथ-साथ सभी दलों से राधाकृष्णन को सर्वसम्मति से उपराष्ट्रपति बनाने की अपील भी की। उधर, विपक्षी गुट ढ्ढहृष्ठढ्ढ्र ब्लॉक ने भी संकेत दिए हैं कि वह अपना उम्मीदवार उतारकर मुकाबला कराएगा। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष के साथ-साथ सभी दलों से सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद पर सर्वसम्मति से चुनने की अपील की है। 67 साल के राधाकृष्णन एक अनुभवी भाजपा नेता हैं और वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते दिन सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की थी। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, थिरु सीपी राधाकृष्णन जी से मुलाकात की। एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनने पर उन्हें अपनी शुभकामनाएं दीं। विभिन्न क्षेत्रों में उनकी लंबी जनसेवा और अनुभव हमारे राष्ट्र को समृद्ध करेगा।
ईश्वर करे कि वे उसी समर्पण और दृढ़ संकल्प के साथ राष्ट्र की सेवा करते रहें जो उन्होंने हमेशा दिखाया है।