
कोरबा। एसईसीएल दीपका क्षेत्र के ग्राम हरदीबाजार के ग्रामीणों की अलग अलग कारणों से कलिंगा ठेका कंपनी के साथ तनातनी की स्थिति बनी हुई है जो समय के साथ और भी तेज होती जा रही । कंपनी के कर्ताधर्ता में जिस कर्मचारी विकास दुबे की गिनती होती है, को हटाने की जोरदार मांग की है। ग्रामवासियों का आरोप है कि ठेका कंपनी कलिंगा कमर्शियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के विकास की कार्यशैली और व्यवहार से ग्रामवासी अत्यधिक परेशान हैं। ग्रामीणों ने इस मामले में जिला कलेक्टर को पत्र सौंपकर 27 अगस्त तक कार्रवाई की अल्टीमेटम दिया है, अन्यथा कम्पनी का काम बंद करने आंदोलन की चेतावनी दी है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि विकास दुबे लगातार ग्राम पंचायत हरदीबाजार के लोगों और आम नागरिकों से अभद्रता करता है। कंपनी का प्रतिनिधि होने के बावजूद ठेका कर्मचारी अपनी मनमानी करता है और पारदर्शिता को ठेंगा दिखाता है। ग्रामीणों का आरोप है कलिंगा का स्थानीय कर्ताधर्ता स्थानीय स्तर पर चल रहे विकास कार्यों में सहयोग करने के बजाय अड़चनें पैदा करता है। क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर जब भी लोग अपनी बात रखते हैं, तो उनकी बातों को नजरअंदाज किया जाता है। ग्रामवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि 27 अगस्त तक विकास को नहीं हटाया गया, तो वे पंचायत बंद कर आंदोलन करेंगे। ग्राम पंचायत हरदी बाजार के सरपंच के अलावा भूमि विस्थापित समिति के लिए काम करने वाले अनेक प्रतिनिधियों ने इस बारे में आवाज उठाई है। उन्होंने प्रशासन और साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड प्रबंध के अधिकारियों को यहां की करगुजारियों के बारे में अवगत कराया है। ग्रामीणों का कहना है कि 26 अगस्त तक वह कार्रवाई की प्रतीक्षा करेंगे और दूसरी स्थिति में 27 अगस्त को कलिंगा की साइट पर प्रदर्शन करते हुए कामकाज ठप करेंगे। इस मामले की समस्त जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन दीपका और प्रशासन की होगी। याद रहे इससे पहले भी विकास दुबे के काम करने के अंदाज को लेकर सवाल उठ चुके हैं।