
नई दिल्ली। ऑनलाइन मनी गेमिंग पर रोक लगाने वाले विधेयक पर संसद की मुहर लगने के बाद ऐसे एप्स ने अपने प्लेटफार्मों पर मनी गेम्स बंद करना शुरू कर दिया है। इनमें मोबाइल प्रीमियर लीग (एमपीएल) और जुपी शामिल हैं।
जल्द ही ड्रीम-11, माई11 सर्किल, पोकरबाजी और रमी सर्किल जैसे फैंटेसी और कार्ड गेमिंग एप्स भी अपने प्लेटफार्मों पर मनी गेमिंग बंद कर सकते हैं। माना जा रहा है कि नए कानून के अमल में आने से देश के 3.8 अरब डॉलर के ऑनलाइनगेमिंग उद्योग को झटका लग सकता है।
राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलते ही यह कानून का रूप ले लेगा
गौरतलब है कि प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल, 2025 गुरुवार को राज्यसभा से पारित हो गया। यह लोकसभा से पहले ही पारित हो गया था। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलते ही यह कानून का रूप ले लेगा। नए कानून का असर गेम्स 2437 (माई11 सर्किल और रमी सर्किल की संचालक), जंगली गेम्स, विनजो, हाउजैट, एसजी11 फैंटेसी, गेम्सक्राफ्ट (रमीकल्चर) और पोकरबाजी एप्स पर भी पड़ेगा। रियल मनी गेमिंग में सीमित हिस्सेदारी के बावजूद पोकरबाजी में निवेशक नाजारा टेक्नोलाजीज पर भी इसका असर हो सकता है।
इंडियन प्रीमियर लीग का एमपीएल का बाजार मूल्य 2.5 अरब डॉलर
गौरतलब है कि ड्रीम-11 का इंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) का बाजार मूल्य आठ अरब डॉलर और एमपीएल का बाजार मूल्य 2.5 अरब डॉलर है। मनी गेमिंग बंद करने वाले एमपीएल ने कहा कि उसने सरकारी प्रतिबंध के अनुसार अपने प्लेटफार्म पर सभी मनी गेम्स तत्काल प्रभाव से बंद कर दिए हैं।