चाकू घोंप 50 फीट तक छात्रा को खींचकर ले गया… फिर पेचकस, कैंची, छुरी और ब्लेड से ताबड़तोड़ किया हमला, भागलपुर में दिल दहला देने वाली

वारदातगोराडीह [एजेंसी]।भागलपुर के गोराडीह में माछीपुर स्थित कोचिंग संस्थान में जबरन शादी के लिए छात्रा पर जानलेवा हमला करने के मामले में कई खुलासे हुए हैं। मंगलवार सुबह 6.45 बजे छात्र ने छात्रा पर पहली बार चाकू से वार किया। छात्रा जान बचाने के लिए गली में भागी तो हमलावर ने उसे दौडक़र पकड़ लिया। वहां से उसे 50 फीट तक खींचकर लाया फिर चाकू, कैंची, छुरी और ब्लेड से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। छात्र रुक-रुककर 10 मिनट तक छात्रा पर वार करता रहा। फारेंसिक टीम को जांच के दौरान गोलाह (गाय के रहने की जगह) की दीवारों, बाहर की जमीन और इर्द-गिर्द लगभग 20 फीट तक छात्रा की खून के निशान मिले। टीम घटनास्थल से बरामद खून सनी कैंची-ब्लेड व छात्र के बैग से मिले खंजर जैसी छोटी छुरी, दो चाकू, दो पेचकस को जब्त कर जांच के लिए अपने साथ ले गई है। इधर, घटना के दूसरे दिन यानी गुरुवार को कोचिंग संस्थान बंद रहा। एक भी विद्यार्थी पढऩे नहीं आया। मंगलवार को हुए वाकये से वे काफी डरे सहमे हुए हैं। कई अभिभावकों ने तो अपनी-अपनी बेटियों को कोचिंग संस्थान में नहीं पढ़ाने का मन बना लिया है। पुलिस ने बताया कि पीडि़ता के फर्द बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया गया है। हमलावर छात्र का पुलिस संरक्षण में इलाज चल रहा है।फारेंसिक टीम घटनास्थल से बरामद खून सनी कैंची-ब्लेड व छात्र के बैग से मिले खंजर जैसी छोटी छुरी, दो चाकू, दो पेचकस को जब्त कर ले गई जांच के लिएहमलावर से बचने के लिए छात्रा जिस गली में भागी वह लगभग 60 फीट लंबी है। अगर वह और 30 फीट भागकर गली से बाहर निकल जाती तो वह इस कदर हैवानियत का शिकार होने से बच जाती। इस गली के बाद बाहर बाजार है, जहां हमेशा लोगों की चहल-पहल रहती है। घटना के समय गली की दोनों तरफ की दुकानें बंद थीं। बाहर की ओर कुछ दुकान खुली थीं। ग्रामीणों ने बताया कि हमलोगों के घर से एक किलोमीटर पर माछीपुर बाजार है। बड़े विश्वास के साथ गांव की बेटियों को कोचिंग में पठन-पाठन के लिए भेजा करते थे। घटना के बाद बेटियों की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। इधर, आरोपी छात्र के एक गांव वाले ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि हमलावर छात्र सनकी मिजाज का है। उसे बात-बात पर गुस्सा आ जाता है। बरारी स्थित एक निजी अस्पताल में इलाजरत छात्रा अब खतरे के निशान से बाहर बताई जा रही है। उसे अब तक पांच यूनिट खून चढ़ाया जा चुका है। स्वजन के अनुसार मंगलवार को बच्ची को तीन यूनिट और गुरुवार को दो यूनिट खून चढ़ाया गया। बताया गया कि छात्रा के हाथ की नस कट गई है, इसलिए भविष्य में उसके स्वास्थ्य को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अस्पताल प्रबंधन नस के डाक्टर से दिखाने के लिए उसे बाहर भेजने की तैयारी में है।जख्मी छात्रा के पिता किसान हैं।
वह छोटी सी एक दुकान भी चलाते हैं। छात्रा के स्वास्थ्य को लेकर पूरा गांव चिंतित है। 200 से अधिक ग्रामीणों अस्पताल पहुंचकर छात्रा का हाल-चाल पूछ चुके हैं।छात्रा तीन बहनों में सबसे बड़ी है, सबसे छोटा भाई है। बहन की स्थिति देखकर छोटे भाई-बहन डरे-सहमे हुए हैं। अभी घर पर दादा अकेले हैं। उन्होंने बताया कि उनकी लाडली पोती मेधावी है। वह मेरा बहुत ख्याल रखती है। घटना के बाद से उन्होंने अभी तक कुछ खाया पीया नहीं है। इस घटना से छात्रा के गांव के लोग आक्रोशित हैं। नाम नहीं छापने की शर्त पर लोगों ने बताया कि हमारे घर-गांव की बेटी के साथ इस तरह की घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस घटना ने हमलोगों को झकझोर कर रख दिया है। कैसे हम लोग अपनी बेटियों को पठन-पाठन के लिए भेजेंगे, इसकी भी चिंता सताने लगी है। हमलोगों को उम्मीद है कि हमलावर को सख्त से सख्त सजा मिलेगी।

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