
कोरिया बैकुंठपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बालिकाओं की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर जिले में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। यह अभियान 14 अगस्त से 15 सितंबर 2025 तक जिले के सभी विद्यालयों में संचालित होगा।
कार्यक्रम का उद्देश्य बाल विवाह, बाल श्रम, शोषण और हिंसा जैसी घटनाओं पर रोक लगाते हुए बच्चों को उनके कानूनी अधिकार और आत्मरक्षा से अवगत कराना है। इसी कड़ी में विकासखंड बैकुंठपुर के शासकीय रामानुज प्रताप सिंह देव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में छात्र-छात्राओं को पॉक्सो एक्ट, बाल अधिकार, बाल विवाह, बाल श्रम, बाल मनोविज्ञान से जुड़ी जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को हेल्पलाइन नंबर 1098, 181 और 112 के बारे में विस्तार से समझाया गया ताकि किसी भी आपात स्थिति में वे तुरंत मदद ले सकें। साथ ही यह भी बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति गलत तरीके से छूता है, पीछा करता है, रास्ता रोकता है या अशोभनीय इशारे करता है, तो यह कानूनी अपराध है। सत्र के दौरान बालिकाओं को आत्मरक्षा के महत्व, समाज और परिवार में सतर्क रहने के उपाय तथा अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने की सीख दी गई। विशेषज्ञों ने समझाया कि बालिकाओं का विवाह 18 वर्ष से पहले न किया जाए, क्योंकि यह उनकी शिक्षा और भविष्य दोनों के लिए हानिकारक है। इस अवसर पर मास्टर ट्रेनर्स प्रियंका गौटिया, निर्मला पाण्डेय, चैन सिंह, सुशील पैकरा तथा चाइल्ड हेल्पलाइन अधिकारी- कर्मचारी उपस्थित रहे और बच्चों को जागरूक किया।