
कोरबा। छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में शराब नीति में परिवर्तन करने के कई बदलाव सामने आ रहे हैं और इसके साथ ही यहां वहां धरपकड़ का काम तेज हो गया है। कोरबी चौकी पुलिस ने सूचना प्राप्त होने पर एक मामले में मध्य प्रदेश में निर्मित शराब की बड़ी खेप पकड़ी है। समाचार लिखे जाने तक शराब की मात्रा की गणना का काम जारी था।
कोरबा जिले के पसान थाना क्षेत्र के अंतर्गत कोरबी चौकी क्षेत्र में पुलिस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। खबर के अनुसार अपने गुप्तचर के जरिए पुलिस को सूचना मिली थी कि एक वाहन में शराब की तस्करी की जा रही है। इसके साथ पुलिस एक्शन मोड पर आई। उसने मुख्य मार्ग पर नजर रखी और संबंधित वाहन के आने की प्रतीक्षा की। गुर्जर के बाद उसे वाहन को रुकवा कर चेक किया गया , जिसके बारे में सूचना प्राप्त हुई थी। मालूम चला कि जायजा लेने पर उसमें शराब की काफी मात्रा के होने की पुष्टि हुई। पूछताछ में पता चला कि संबंधित ब्रांड पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश में उत्पादित हुआ है। नियम विरुद्ध रूप से उसे छत्तीसगढ़ में कंज्यूम करने की कोशिश की जा रही थी। इसमें अलग-अलग ब्रांड की शराब के होने की बात सामने आई। इसके अनुसार संबंधित मात्रा की गणना शुरू कराई गई। इसके हिसाब से इसकी लागत का आकलन किया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि सूक्ष्म स्तर पर होने वाले अनुसंधान में उन तथ्यों का पता चल सकेगा की मध्यप्रदेश के किस इलाके से शराब को वहां में लोड किया गया और उसे छत्तीसगढ़ में कहां पर अनलोड करने की तैयारी थी। खबर के अनुसार इस पूरे मामले में नेटवर्क को तलाश में का काम किया जा रहा है कि आखिर कौन-कौन लोग इसमें शामिल हैं और जो इस तरीके से अपनी गतिविधियों को बेख़ौ$फ ढंग से अंजाम देने में लगे हुए हैं।
याद रहे इससे पहले भी कई मौके पर कोरबा जिले में पुलिस की ओर से अवैध शराब ट्रांसपोर्टिंग के साथ-साथ इसे खपाने के मामले प्रकाश में आ चुके हैं। हालांकि समय रहते पुलिस ने अपने सूचना तंत्र का उपयोग करते हुए संबंधित तत्वों को पकडऩे में सफलता हासिल की है। यहां बताना आवश्यक होगा कि वर्ष 2025 में छत्तीसगढ़ में शराब नीति में परिवर्तन करने के साथ सभी ब्रांड की शराब और बीयर की दरों में बढ़ोतरी की गई है। इसके पीछे मकसद यह बताया जा रहा है कि शराब की तरफ से लोगों क्या आकर्षण को रिड्यूस किया जाना है। इसके ठीक उल्टे मध्य प्रदेश में शराब की कीमतों में कमी की गई है। माना जा रहा है कि नजदीक के दो प्रदेशों में नियमों में परिवर्तन करने को कोचिये अपने तरीके से समझ रहे हैं और वे मध्य प्रदेश से सस्ती से नाम लेकर उसे छत्तीसगढ़ में खपाने में ताकि कुछ अच्छा मारजिन अर्जित किया जा सके। इन्हीं तथ्यों को ध्यान में रखते हुए सरकार का तंत्र चेकप्वाइंट पर विशेष मॉनिटरिंग करने में लगा हुआ है। गौर करना होगा कि ऐसे मामलों में नतीजा भी आशाजनक प्राप्त हो रहे हैं।